
New Delhi: आम आदमी पार्टी (आप) के लिए यह खबर गर्व का अहसास कराने वाली है. चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से पूर्व आप को राष्ट्रीय राजनीतिक दल का दर्जा दिया है. इसके साथ ही तीन राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय का दर्जा छिना है. इन दलों में शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई एम) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से राष्ट्रीय दल का दर्जा वापस ले लिया गया. फिलहाल देश में छह राष्ट्रीय राजनीतिक दल हैं. जिनमें भाजपा, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और आप शामिल हैं.
राष्ट्रीय दल के साथ ही राज्य स्तरीय दलों के दर्जे में भी फेरबदल हुआ है. चुनाव आयोग ने कहा है कि राकांपा और तृणमूल कांग्रेस को हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में उनके प्रदर्शन के आधार पर क्रमश: नगालैंड और मेघालय में राज्य स्तर के दलों के रूप में मान्यता दी जाएगी. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और टिपरा मोथा को त्रिपुरा में राज्य स्तर की पार्टी का दर्जा दिया गया है. इधर, उत्तर प्रदेश में रालोद, आंध्र प्रदेश में बीआरएस, मणिपुर में पीडीए, पुडुचेरी में पीएमके, पश्चिम बंगाल में आरएसपी और मिजोरम में एमपीसी को दिया गया राज्य स्तर की पार्टी का दर्जा भी खत्म कर दिया.
चुनाव आयोग ने एक दिन पूर्व कहा है कि आम आदमी पार्टी को चार राज्यों-दिल्ली, गोवा, पंजाब और गुजरात में उसके चुनावी प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया है. मालूम हो कि आम आदमी पार्टी लगतार अपनी पैठ बढ़ा रही है. दल्ली व पंजाब में इस पार्टी की सरकार है. अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी अपनी मजबूत स्थिति दर्ज करा रही है.
किस पार्टी को मिलती है राष्ट्रीय दल का दर्जा
- अगर किसी दल को 4 राज्यों में क्षेत्रीय दल का दर्जा प्राप्त है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.
- अगर कोई दल 3 राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 3 फीसदी सीटें जीतती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.
- अगर कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनाव में 4 राज्यों में 6 फीसदी वोट हासिल करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी माना जाता है.
- अगर कोई भी पार्टी इन तीनों शर्तों में से किसी एक शर्त को पूरा करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.




