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अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों का प्रदर्शन, कहा-सेना की तरह सुविधा दे मोदी सरकार, चुनाव में सबक सिखायेंगे

NewDelhi :  अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड हजार मोदी सरकार से नाराज हैं. बता दें कि रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर रिटायर्ड जवानों ने विरोध प्रदर्शन किया. अर्धसैनिक बलों के जवानों ने  सेना की जवानों की तरह सुविधाएं देने की मांग की. जवानों ने कहा कि अगर सरकार ने अर्धसैनिक बलों के जवानों की ओआरओपी और पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो मौजूदा भाजपा सरकार को आम चुनाव में सबक सिखायेंगेअर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसफ एसएसबी और असम राइफल्स के जवान शामिल हैं. जान लें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए जैश के फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद एक मार्च को भी कुपवाड़ा में आतंकियों से लड़ते हुए दो सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गये. जवानों ने मांग की कि  वे सेना के जवानों की तरह काम करते हैं तो फिर उन्हें सैलरी, सम्मान और सुविधाएं सेना के जवानों की तरह मिलनी चाहिए. कहा कि चीन और पाकिस्तान की सरहद से लेकर देश के भीतर आतंकियों और नक्सलियों से अर्धसैनिक बलों के जवान ही लड़ते हैं.

हमारी मांग है कि सेना की तरह उन्हें भी वन रैंक वन पेंशन दी जाये.  2004 से बंद पेंशन नीति को फिर से बहाल किया जाये. मांग की कि कठिन हालात में तैनात जवानों को पैरामिलेट्री स्पेशल पे दी जाये. एक्स सर्विसमेन का स्टेट्स दिया जाये. साथ ही सीजीएचएस डिस्पेंनसरी की सुविधा हर जिले में दी जाये और सेना की तरह कैंटिन में रियायत दी जाये.

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सरकार हमारे साथ लगातार भेदभाव कर रही है

Sanjeevani

अर्धसैनिक बलों के जवानों ने आरोप लगाया कि सरकार उनके साथ लगातार भेदभाव कर रही है. कहा कि जवानों को शहीद का दर्जा भी नहीं दिया जाता है. कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलेट्री फोर्स वेलफेयर एसोसियेसन के महासचिव रणवीर सिंह ने कहा कि क्या हम मरेंगे तभी सरकार हमें पेंशन देगी. जिंदा जवानों को भी पेंशन दो. रणवीर ने कहा कि हमनें तो सारे राजनीतिक दलों को कह दिया है कि आप अपने घोषणा पत्र में अर्धसैनिक बलों की मांगों को शामिल करो तो तब ही हम आपको समर्थन देंगे नहीं तो हम विरोध करेंगे. बता दें कि अर्धसैनिक बलों की खराब हालत किसी से छिपी नहीं है. इनके जवान रेगिस्तान में 50 डिग्री तापमान में तैनात होते है. साथ में 15 हजार फीट की ऊंचाई पर 20 डिग्री से नीचे तापमान में भी ड्यूटी निभाते हैंं. 

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