Corona_UpdatesNational

#Delhi HC का केजरीवाल सरकार को निर्देशः पैदल ना जाये प्रवासी मजदूर, शराब पर विशेष कोरोना शुल्क वसूलने पर भी मांगा जवाब

New Delhi: कोरोना वायरस महासंकट के बीच जारी लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी मजदूरों को हो रही है. श्रमिक सैंकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपने घर जा रहे हैं. मजदूरों की तकलीफ देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार और रेलवे को निर्देश दिया है कि कोई भी मजदूर पैदल घर वापस ना जाए.

इसे भी पढ़ेंः20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में पुरानी योजना को शामिल कर ठगा जा रहा लोगों को

वही दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में सभी ब्रांडों की शराब की कीमत पर 70 फीसदी ‘विशेष कोरोना शुल्क’ वसूलने को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई की. और मामले में दिल्ली सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा है.

पैदल ना जाये प्रवासी मजदूर- दिल्ली हाईकोर्ट

कोरोना महासंकट के बीच जारी लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की तकलीफ असहनीय हो गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार और रेलवे को निर्देश दिया है कि कोई भी मजदूर पैदल घर वापस ना जाये.

हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को निर्देश दिया कि इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाए और सुनिश्चित करें कि मजदूरों को पैदल ना जाना पड़े.

उल्लेखनीय है कि दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने घरों की ओर निकल रहे हैं. कई शहरों से झकझोरने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट में इस मसले पर सुनवाई हुई.

इसे भी पढ़ेंः#FightAgainstCorona: भारत सरकार के कार्यक्रमों के लिए वर्ल्ड बैंक देगा एक बिलियन डॉलर

शराब की कीमत बढ़ाने पर 29 मई तक दिल्ली सरकार दें जवाब- हाईकोर्ट

इस दिल्ली में शराब की कीमतों पर 70 फीसदी की बढ़ोतरी को लेकर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की एक पीठ ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस पर 29 मई तक प्रतिक्रिया देने को कहा है. याचिकाकर्ताओं ने चार मई को विशेष शुल्क वसूलने संबंधी जारी अधिसूचना को खारिज करने की मांग की है.

याचिकाकर्ताओं में से एक ललित वेल्चा ने बताया कि नोटिस जारी करते हुए अदालत ने कहा कि वह दिल्ली सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे और फिलहाल के लिए इस पर अंतरिम स्थगन लगाने से इनकार कर दिया. दिल्ली सरकार के स्थायी वकील रमेश ने प्रशासन की तरफ से नोटिस स्वीकार कर लिया और अतिरिक्त वसूली को वैध ठहराने का संकेत देते हुए कहा कि इस संबंध में विस्तृत जवाब दायर किया जाएगा.

बता दें कि दिल्ली सरकार ने तीन मई को 150 सरकारी शराब दुकानों को खोले जाने को मंजूरी दी थी, लेकिन उसके एक दिन बाद ही सरकार ने शराब पर ‘विशेष कोरोना शुल्क’ लगा दिया.

इसे भी पढ़ेंः#CoronaUpdate: देश में संक्रमितों की संख्या 82 हजार के करीब, अब तक 2,649 लोगों की मौत

Telegram
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close