
TAMILNADU: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने पहले मानव युक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ की दिशा में एक और कामयाबी हसिल की है. लिक्विड प्रोपलेंट विकास इंजन का लंबी अवधि वाला हॉट टेस्ट तीसरी बार सफलता पूर्वक करके इसरो ने लंबी छलांग लगाई है. अभियान के लिए बेहद जरूरी इस इंजन का परीक्षण 14 जुलाई को किया गया. तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कांप्लेक्स (आईपीआरसी) के इंजन टेस्ट सुविधा केंद्र में यह परीक्षण किया गया. इसके तहत इंजन को 240 सेकंड के लिए फायर किया गया. परीक्षण के दौरान इंजन हर कसौटी पर खरा उतरा. गगनयान मिशन के तहत जीएसएलवी एमके-3 यानी मार्क-3 के जरिये अंतरिक्ष यान को प्रक्षेपित किया जाएगा.
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मिशन के लिए इंडियन एयरफोर्स के चार अफसर को चुना गया है. रूस की राजधानी मास्को के नजदीक यूरी गगारिन रिसर्च एंड टेस्ट कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है. इनमें एक ग्रुप कैप्टन और तीन विंग कमांडर शामिल हैं. रूस में ट्रेनिंग लेने के बाद चारों को बेंगलुरु स्थित मॉड्यूल में ट्रेनिंग दी जा रही है. इस मॉड्यूल को इसरो ने बिना किसी देश की मदद लिए खुद बनाया है. इसमें किसी भी अन्य देश की मदद नहीं ली गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गगनयान प्रोजेक्ट के लिए 10 हजार करोड़ रुपए जारी किए हैं. गगनयान मिशन के तहत ISRO तीन अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी से 400 किमी ऊपर अंतरिक्ष में सात दिन की यात्रा कराएगा. इन अतंरिक्षयात्रियों को सात दिन के लिए पृथ्वी के लो-ऑर्बिट में चक्कर लगाना होगा. इस मिशन के लिए ISRO ने भारतीय वायुसेना से अंतरिक्षयात्री चुनने के लिए कहा था.
गगनयान मिशन के तहत इसरो इस साल के अंत तक अंतरिक्ष में अपना पहला मानव युक्त यान भेजने की योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत तीन अंतरिक्ष यान थोड़े-थोड़े अंतराल पर भेजे जाएंगे. पहले दोनों अंतरिक्ष यान मानव रहित होंगे, लेकिन तीसरा यान मानव युक्त होगा. इसके तहत चार सदस्यीय दल को पांच से सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. यह यान 400 किलोमीटर तक की ऊंचाई तय करने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर धरती पर सकुशल लौटेगा.
भारतीय अंतरिक्षयात्रियों के खाने का मेन्यू भी सामने आया था. जिसमें एग रोल, वेज रोल, इडली, मूंग दाल हलवा और वेज पुलाव शामिल थे. यह खाना मैसूर स्थित स्थित डिफेंस फूड रिसर्च इंस्टीट्यूट के द्वारा तैयार किया जा रहा है. अंतरिक्ष में खाना गर्म करने के लिए ओवन की व्यवस्था भी डीआरडीओ ही कर रहा है. अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पानी और जूस के साथ-साथ लिक्विड फूड की भी व्यवस्था रहेगी.
एलन मस्क ने दी बधाई
इसरो की इस फलता पर देश-दुनिया के लोगों की तरफ से बधाइयां मिल रही हैं. बधाई देने वालों में मशहूर अमेरिकी कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स के प्रमुख एलन मस्क भी शामिल हैं. एलन मस्क ने गुरुवार को तिरंगे की तस्वीर के साथ एक शब्द में ट्वीट किया-बधाई .
Congratulations! 🇮🇳
— Elon Musk (@elonmusk) July 14, 2021
भारत के गगनयान मिशन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं. यह अभियान सफल रहा तो भारत अंतरिक्ष में मानव युक्त यान भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा. अभी तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं. इस सफलता से ना केवल भारत का रुतबा बढ़ेगा, बल्कि बड़ा आर्थिक लाभ भी होगा. इसके अलावा अंतरिक्ष युद्ध संबंधी तैयारियां करने में भी मदद मिलेगी. विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में अंतरिक्ष क्षेत्र में पर्यटन की विशाल संभावना है. जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.




