Main SliderOpinion

#Corona पर डाटा विश्लेषण हैः भारत मे पॉजिटिव केसो में रिकवरी रेट कम और मौत की दर यूके से भी ज्यादा

Apoorva Bhardwaj

भारत में कोरोना का कहर लगातार बढ़ रहा है. स्थितियों में सुधार नहीं हो रहा है. पॉजिटिव मामलों की दर लगातार बढ़ रही है. मेरे पास बहुत से स्त्रोत से डाटा आ रहे हैं. उसके आधार पर ही यह बिंदुवार विश्लेषण है.

पिछले एक हफ्ते के डाटा के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में पॉजिटिव केस की दर अमेरिका के पैटर्न पर बढ़ रही है. भारत में मिश्रित दैनिक वृद्धि दर 13.48 ℅  है. जो बढ़त पर है. लेकिन दूसरे देशों में यह दर घट रही है या स्थिर है.

 

कोरोना पर डाटा विश्लेषण हैः भारत मे पॉजिटव केसों में रिकवरी रेट कम और मौत की दर यूके से भी ज्यादा
भारत में पॉजिटव केसों में रिकवरी रेट कम है औऱ मौत की दर यूके से भी ज्यादा है. जो की एक खतरनाक संकेत है. हमारी हेल्थ सर्विसेज को बहुत सुधार की आवश्यकता है. हमें हर हालत में इस आंकड़े को सुधारना होगा

 

इसे भी पढ़ें –  #CoronaUpdates: झारखंड में कोरोना से पहली मौत, बोकारो निवासी ने तोड़ा दम

कोरोना पर डाटा विश्लेषण हैः भारत मे पॉजिटव केसों में रिकवरी रेट कम और मौत की दर यूके से भी ज्यादा
चीन में 2000 केस पॉजिटिव होने में 6 दिन लगे थे. भारत में 63 दिन लगे. लेकिन भारत में 2000 से 4000 होने में चीन के समान 2 दिन औऱ लगते हैं. अर्थात भारत अब बहुत नाजुक स्थिति में है.
कोरोना पर डाटा विश्लेषण हैः भारत मे पॉजिटव केसों में रिकवरी रेट कम और मौत की दर यूके से भी ज्यादा
यह हफ्ता बहुत ही महत्वपूर्ण सिद्ध होने वाला है. अगर हफ्ते के हिसाब से विश्लेषण करें तो जो अमेरिका में हुआ, वो भारत में बिलकुल नहीं होना चाहिए. अमेरिका में 11 वें हफ्ते में आंकड़ा 2,78,000 को क्रॉस कर गया था.

 

इसे भी पढ़ें – #Covid-19: राजस्थान में 30 नये मामले, देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,734, 166 लोगों की गयी जान

कोरोना पर डाटा विश्लेषण हैः भारत मे पॉजिटव केसों में रिकवरी रेट कम और मौत की दर यूके से भी ज्यादा
भारत में 76 फीसदी मामले में कोई लक्षण नहीं देखे गये हैं. 50-80 के आयु वर्ग में मौतों की दर सबसे ज्यादा है. महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा संक्रमण हो रहा है. संक्रमण कम्युनिटी स्टेज का पहला चरण पार कर चुका है.

 

निष्कर्ष : भारत में कोरोना की प्रसार दर सभी देशों की तुलना में धीमी है. लेकिन भारत में टेस्टिंग भी नाम मात्र है. हो सकता है, अगर टेस्टिंग ज्यादा हो तो यह आंकड़ा अमेरिका के आंकड़े को भी पार कर जाये.

एक्शन प्वाइंट 

  •  सरकार लॉकडाउन को दो हफ्ते और बढ़ाये.
  •  हर रोज 1 लाख टेस्ट करे.
  •  नेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर सारे निजी हॉस्पिटल का 3 महीने के लिए अधिग्रहण करे.
  •  देश में सारी फिजूल खर्च तत्काल रोक दी जाये.

नोट :  लेखक डाटा विशेषज्ञ हैं और लेख उनके फेसबुक वॉल से लिया गया है.

इसे भी पढ़ें – दिल्ली में #Covid-19 फैलाने का आरोप लगा दो लेडी डॉक्टर्स से मारपीट, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button