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चिराग की पार्टी में अंधेरा, जानिए पांच सांसदों ने क्यों छोड़ा साथ?

मोदी कैबिनेट में विस्तार की चर्चा के बीच बड़ा सियासी उलट फेर

Uday Chandra Singh

New Delhi: लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान के दिन ठीक नहीं चल रहे हैं. न चाचा साथ हैं और न भाई. मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चा से भी चिराग पासवान का नाम गायब है. इन सबके बीच लोक जनशक्ति पार्टी के पांच सांसदों ने पार्टी प्रमुख के नेतृत्व से अलग होने का फैसला कर लिया है. इसे लोकजनशक्ति पार्टी में बड़ी फूट के रूप में देखा जा रहा है. बागी गुट ने, रामविलास पासवान के भाई और चिराग के चाचा पशुपति पारस लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय दल के नेता बनाने का फैसला किया है. इस संबंध में पांचों सांसदों ने लोक सभा के स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र भी भेज दिया है. पत्र के माध्यम से ओम बिड़ला से मांग की है कि उन्हें एलजेपी से अलग मान्यता दी जाए. माना जा रहा है कि इनका ये कदम चिराग पासवान  के लिए बिहार की राजनीति में मुश्किल खड़ी करने वाला होगा.

 

चिराग के सामने यह चुनौती ऐसे समय में आई है जब मोदी कैबिनेट के विस्तार की चर्चा जोरों पर है. पार्टी के पांच सांसद- पासुपति पारस पासवान (चाचा), प्रिंस राज (चचेरे भाई), चंदन सिंह, वीणा देवी, और महबूब अली केशर के अलग होने से अब चिराग पार्टी में अकेले ही रह गए हैं. पहले चार सांसदों के अलग होने की खबर आई थी. बताया जा रहा है कि इस बगावत को  चिराग के चाचा पशुपति पारस ने हवा दी और उन्हीं के नेतृत्व में यह कदम उठाया गया है. पहले खबर थी कि उनके चचेरे भाई प्रिंस बागी गुट के साथ नहीं हैं लेकिन अब वे भी अलग हो गए हैं.

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कैबिनेट विस्तार से पहले लोकजनश्कति में यह टूट इसलिए अहम है क्योंकि जेडीयू ने भी अंदर हीं अंदर अपना दबाव बना रखा है. अभी एनडीए गठबंधन में जेडीयू के 16 सांसद हैं. पिछली बार कैबिनेट विस्तार के समय जेडीयू के शामिल होने की चर्चा थी. हालांकि, अंत में बात नहीं बन सकी थी. अब इधर, एलजेपी में फूट की खबर से यह सियासत और तेज हो गयी है.

 

जेडीयू में शामिल हो सकते हैं पांचों सांसद ?

सूत्रों के मुताबिक, ये पांचों सांसद जेडीयू ज्वॉइन कर सकते हैं. बताया गया है कि ये सभी सांसद बिहार विधानसभा चुनाव के समय से चिराग पासवान से नाराज चल रहे थे. ऐसे में एलजेपी में इस फूट की अटकलें तो पहले से लगाई जा रही थीं, इंतजार तो बस उस वक्त का था जब ये सांसद ये बड़ा कदम उठाते, अब वो कदम उठा लिया गया है और एलजेपी के सामने बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है.

 

मालूम हो कि रामविलास पासवान के गुजरने के एक साल के भीतर ही पार्टी में फूट पड़ गई है. इससे पहले पार्टी के एकमात्र विधायक राजकुमार साथी का भी साथ छूट चुका है. माना जा रहा है कि चिराग पासवान आज तीन बजे प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं.

 

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