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जामताड़ा में चक्रवात गुलाब से जनजीवन प्रभावित, बिजली भी गुल

Jamtara : चक्रवाती तूफान गुलाब के कारण शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं दूसरी जिले की जीवन धारा कही जानेवाली अजय, शीला जैसी नदियों में भी पानी लबालब भर गया है. प्रखंड क्षेत्र के छोटे-मोटे जोरिया (छोटी नदी), तालाब, बांध में पानी लबालब भर गया है. पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. गरीब दिहाड़ी व दैनिक मजदूरी करनेवाले मजदूरों को घर से निकलने का मौका नहीं मिल रहा है. वहीं इक्के-दुक्के घर से बाहर निकले मजदूरों को मजदूरी भी नहीं मिल पा रही है. सड़कों एवं बाजारों में वाहनों व आमजनों का आवागमन नाम मात्र का दिख रहा है. पिछले 24 घंटो से जिला मुख्यालय को छोड़ कर सभी प्रखंडों में बिजली गुल है.

बंगाल सिमा से सटे होने के कारण जामताड़ा में चक्रवात का काफी असर देखा जा रहा है. नाला प्रखंड से जामताड़ा जिला मुख्यालय जानेवाली सड़क के सलूका एवं खैरा गांव के जोरिया पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे लोगों का जिला मुख्यालय जाना भी बंद हो गया है.

वहीं नारायणपुर प्रखंड में कच्चे मकान गिरने की सूचना है, लेकिन कोई जान माल की क्षति नहीं हुई है. दिघारी पंचायत के चैनपुर गांव में एक घर गिरने से प्रदीप सेन दब गए थे,  लेकिन गांव वालों ने उन्हें सकुशल निकाल लिया. साथ ही नाला प्रखंड के रुणाकुडा में अजय नदी पर बने पुल के लगभग पानी बह रहा है. सुल्तानपुर, चिचुड़बिल गांव के कई बड़े तालाब का बांध टूट जाने से गांव में भयावह स्थिति बन गई है. वहीं जामताड़ा के राजाबांध टूट जाने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है.

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लगातार हो रहे मूसलाधार बारिश से जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. स्थिति ये है कि पशु पालकों को अपने मवेशियों को चराने में परेशानी हो रही है. पशुओं को चार नहीं मिलने से पशु मालिक चिंतित नजर आ रहे हैं.

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