
Uday Chandra Singh
NEW DELHI: जम्मू के रघुनाथ मंदिर पर बड़े आतंकी हमले की योजना थी. प्लानिंग बन भी गई थी. इस हमले के बाद कई और मंदिरों को निशाना बनाया जाना था,लेकिन सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने आतंकियों की प्लानिंगकोनाकाम कर दिया. हमले की योजना लश्कर-ए-तैयबा ने तैयार की थी.
पुलिस ने पिछले शनिवार देर रात लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संगठन टीआरएफ के एक आंतकी को पकड़ा था. उससे पूछताछ के बाद दो और आतंकियों को कल देर रात गिरफ्तार करने के बाद यह बड़ा खुलासा हुआ है. पकड़े गए आतंकियों ने बताया है कि वह जम्मू के रघुनाथ मंदिर पर हमला करने की प्लानिंग कर चुके थे. इस हमले के बाद कई और मंदिरों को भी निशाना बनाया जाना था.
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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले शनिवार को लश्कर-ए-तैयबा के संगठन टीआरएफ के आतंकी नदीम को 5 किलो आईईडी के साथ पकड़ा था. नदीम से पूछताछ के बाद ही देर रात पुलिस ने उसके दो और साथियों को पकड़ा. पकड़े गए आतंकियों की पहचान नदीम आयूव राथर निवासी कश्मीर और तालिब उर रहमान निवासी बनिहाल के रूप में हुई है. यह दोनों द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के आतंकी हैं.
नदीम उल हक ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह सीमा पार बैठे टीआरएफ के हैंडलर्स के संपर्क में था और व्हाट्सएप कॉल और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए अपने अन्य साथियों को निर्देश दे रहा था. तीनों आतंकी मिलकर जम्मू के अलग-अलग मंदिरों पर एक साथ हमला करने की प्लानिंग में थे. घाटी में दहशत फैलाने के लिए सबसे पहले रघुनाथ मंदिर को निशाना बनाया जाना था. मंदिर पर हमला करने के लिए उसने आईईडी अपने पास रखी थी. गौरतलब है कि मार्च 2002 में भी जम्मू-कश्मीर के ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर में आंतकी हमला हो चुका है. इस हमले में दो दर्जन से अधिक लोग मारे गए थे.




