
Rahul Guru
Ranchi : सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड अपने स्थापना काल से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है. जब-जब यहां शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई, विवादों में रही. इन सब के बीच स्टूडेंट्स की संख्या भी कम हुई. राज्यसभा में प्रस्तुत सेंट्रल यूनिवर्सिटी के आंकड़े बताते हैं कि अब भी झारखण्ड केन्द्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षकों की संख्या सृजित पद से दोगुना से भी कम हैं. यह आंकड़ा एक अप्रैल 2021 तक के हैं.
62 शिक्षक कराते हैं 30 तरह के कोर्स
आंकड़े बताते हैं कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड में मास्टर्स, बैचलर, पीएचडी सहित अन्य 30 तरह के कोर्स कराये जाते हैं. जहां 15 सौ से अधिक स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. इन 15 सौ से अधिक स्टूडेंट्स को पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या महज 62 है. यह संख्या सृजित पद से दोगुना से भी कम है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड में शिक्षकों के सृजित पद 179 हैं. कार्यरत शिक्षक 62 ही हैं. यहां बीते पांच साल में शिक्षकों का आंकड़ा 50 फीसदी नहीं पहुंचा पर इन्हीं पांच सालों में दो हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने पीजी और 300 स्टूडेंट्स ने पीएचडी कर ली.
299 पीएचडी, 2090 स्टूडेंट्स ने की पीजी
साल 2016 से 2020 तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड से कुल 299 स्टूडेंट्स ने पीएचडी की. वहीं पीजी करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 2090 है. इसमें सामान्य श्रेणी के 166, एससी श्रेणी के 30, एसटी श्रेणी के 22, ओबीसी श्रेणी के 72 और इबीसी श्रेणी के 09 स्टूडेंट्स ने पीएचडी की. बात पीजी की करें तो सामान्य श्रेणी के 1140, एससी श्रेणी के 132, एसटी श्रेणी के 154, ओबीसी श्रेणी के 612 और इबीसी श्रेणी के 52 स्टूडेंट्स ने कोर्स पूरा किया.
पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स
| साल | सामान्य | एससी | एसटी | ओबीसी | इबीसी | कुल |
| 2016 | 15 | 0 | 1 | 9 | 0 | 25 |
| 2017 | 6 | 3 | 0 | 5 | 0 | 14 |
| 2018 | 32 | 0 | 3 | 14 | 1 | 50 |
| 2019 | 47 | 11 | 7 | 24 | 3 | 92 |
| 2020 | 66 | 16 | 11 | 20 | 5 | 118 |
पीजी करने वाले स्टूडेंट्स
| साल | सामान्य | एससी | एसटी | ओबीसी | इबीसी | कुल |
| 2016 | 232 | 32 | 40 | 201 | 0 | 505 |
| 2017 | 105 | 6 | 9 | 20 | 0 | 140 |
| 2018 | 150 | 16 | 43 | 134 | 0 | 343 |
| 2019 | 314 | 22 | 35 | 131 | 21 | 523 |
| 2020 | 339 | 56 | 27 | 123 | 31 | 579 |




