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बिजली वितरण निजी हाथों में देने का विद्युत संघ कर रहा विरोध, 1-2 अगस्त को करेंगे सांकेतिक प्रदर्शन

Ranchi : झारखंड के तीन जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था निजी हाथों में देने की तैयारी चल रही है. जेबीवीएनएल की ओर से इसके लिये आरपीओ तैयार किया गया है. इन तीन जिलों में रांची, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) और धनबाद शामिल हैं. निजीकरण के विरोध में झारखंड प्रदेश विद्युत श्रमिक संघ की आंदोलन की रणनीति बनायी गयी है.

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काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे श्रमिक

संघ के महासचिव बीएन सिंह ने बताया कि मामले में लगातार बैठकें हो रही हैं. पिछले दिनों भी संघ ने प्रदर्शन किया है. आने वाले एक और दो अगस्त को फिर से आंदेालन की तैयारी है.

इस दिन पूरे प्रदेश में निबंधित श्रमिक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे. ये सांकेतिक तौर पर किया जायेगा. निगम में कई यूनियन है जो इसका विरोध कर रही है. उन्होंने कहा कि एक और दो अगस्त के कार्यक्रम के बाद आगे की रणनीति तैयार की जायेगी.

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समीक्षा बैठक में बनेगी चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति

बीएन सिंह ने बताया कि सांकेतिक कार्यक्रम के बाद, समीक्षा बैठक की जायेगी. जिसमें चरणबद्ध आंदोलन पर चर्चा की जायेगी. तीन जिलों में बिजली वितरण निजी हाथों में देने का मतलब निगम के संसाधनों को निजी हाथों में देना.

तीनों जिलों में बिजली के लिये पर्याप्त संसाधन हैं. निगम ने खुद इसे विकसित किया है. जब इतनी सुविधाएं विकसित है तो वितरण निजी हाथों में नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा मामले में लगातार बैठकें हो रही हैं. राज्य में कुल 1200 निबंधित श्रमिक हैं जो इस आंदोलन का समर्थन कर रहे है.

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