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कोरोना के गंभीर मरीजों को नहीं मिल रहा बेड, प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने खड़े किये हाथ

  • घर में ही रह कर करा रहे इलाज
  • होटल संचालक हॉस्पिटल के साथ टाइअप करने को तैयार नहीं
  • सदर के कोविड सेंटर में मैन पावर की कमी, घर भागा मरीज

Ranchi : राजधानी में कोरोना की दूसरी लहर की चपेत में काफी संख्या में लोग आ रहे हैं. राजधानी में हर दिन कोराना संक्रमण के लहभग 800 नये मामले सामने आ रहे हैं. शनिवार को स्थिति यह है कि सीरियस मरीजों को भी हॉस्पिटल में बेड नहीं मिल रहा है. वहीं प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने तो हाथ खड़े कर दिये हैं. चूंकि वहां पर कोविड के अलावा अन्य मरीजों का भी इलाज किया जा रहा है. गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स की भी स्थिति खराब है. कुछ सेंटरों में तो मैनपावर की कमी के कारण मरीज भाग जा रहे हैं. एक ऐसा ही मामला सदर हॉस्पिटल में सामने आया. जहां स्टाफ नहीं होने के कारण कोरोना का मरीज परेशान हो गया और हॉस्पिटल से भाग गया.

होटल में कस्टमर इसलिए नहीं दे सकते

सिटी के सभी बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने पिछले साल कोरोना के कहर को देखते हुए होटलों के साथ टाईअप किया था. लॉकडाउन में होटल पूरी तरह से बंद थे. तब होटलों को ही कोविड सेंटर में तब्दील कर दिया गया था. लेकिन इस बार हॉस्पिटल प्रबंधन ने होटल संचालकों से संपर्क किया. पर इस बार सभी होटल खुले हैं और वहां पर कस्टमर आ रहे हैं. जिससे होटल संचालकों ने साफ मना कर दिया है. उनका कहना है कि अगर होटल खाली होता तो हॉस्पिटल के साथ जुड़ जाते.

केस 1

अपर बाजार के महावीर चौक में रहनेवाला एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया. इसके बाद उसे तत्काल सदर हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. इलाज के दौरान उसने जब ड्यूटी स्टाफ से पानी मांगा तो उसे खुद से ग्राउंड फ्लोर से लाने को कह दिया गया. इसके बाद मरीज ने स्थिति को भांपा और वहां से भाग कर घर आ गया. फिलहाल वह घर पर ही इलाज करा रहा है.

केस 2

अरगोड़ा के ट्विन टावर में रहनेवाली एक महिला कोविड पॉजिटिव पायी गयी. पिछले दो दिनों से वह बेड के लिए परेशान है. लेकिन किसी भी हॉस्पिटल में उन्हें बेड नहीं मिल पा रहा है. प्राइवेट के अलावा गवर्नमेंट में भी जब बेड नहीं मिला तो अब वह सेल्फ आइसोलेशन में रह कर इलाज करा रही हैं. उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है.

क्या कहते हैं हॉस्पिटल के अधिकारी

भगवान महावीर मेडिका हॉस्पिटल के मेडिकल एडवाइजर आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि होटल के साथ टाईअप के लिए अप्रोच किया था लेकिन उन्होंने मना कर दिया. अब हमारे बेड पैक्ड हैं और नया पेशेंट नहीं ले सकते. पिछली बार हमने होटलों में भी मरीजों का इलाज किया था.

आर्किड हॉस्पिटल के पीआरओ हृदय कुमार ने बताया कि हमारे हॉस्पिटल में कोविड पेशेंट के लिए बेड फुल हो गये है. होटलों से बात हो रही है लेकिन जब खाली होंगे तभी वे देने को तैयार हैं. अभी तो नये मरीज को एडमिट नहीं ले सकते. जब होटल खाली होंगे तो टाईअप कर मरीजों का वहां पर इलाज करेंगे.

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