
Ranchi : रांची डीसी छवि रंजन मंगलवार को सदर हॉस्पिटल पहुंचे. उन्होंने सदर हॉस्पिटल में व्यवस्था का जायजा लिया. हॉस्पिटल के गेट से लेकर बिल्डिंग के गेट तक खराब रास्ते पर उन्होंने जूनियर इंजीनियर को फटकार लगायी. साथ ही कहा कि रास्ते और नाली के बीच के लेवलिंग में लगभग 4 फुट का अंतर है. इसके लिए उन्होंने जूनियर इंजीनियर को फटकार लगायी. इसके साथ ही जगह-जगह पर पड़ी गंदगी को लेकर डीसी ने नाराजगी जतायी. इसके बाद उन्होंने फायर फाइटर के लिए लगायी गयी पाइपों का जायजा लिया. पाइप अव्यवस्थित ढंग से लगाये जाने पर भी जोरदार फटकार लगायी.
पूरी बिल्डिंग को कोविड वार्ड में करें कन्वर्ट
डीसी ने हॉस्पिटल में बेड की व्यवस्था और सुविधाओं की जानकारी ली. उन्होंने सिविल सर्जन से कहा कि पूरे हॉस्पिटल को तत्काल कोविड वार्ड में कन्वर्ट कर दें. दो बेड वाले रूम में भी जगह को देखते हुए 3 बेड लगायें. भले ही वे खाली हों पर लोगों को कमी नहीं होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने इन जगहों पर जरूरत के अनुसार मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मियों को भी तैनात करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि खाली बेडों के लिए भले ही स्टाफ की जरूरत न हो पर मौजूद रहें. क्योंकि महामारी के टाइम पर नियुक्ति करने में काफी परेशानी होती है.
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आइसीयू में नॉर्मल मरीजों का एडमिशन नहीं
आइसीयू कोविड-19 वार्ड का निरीक्षण करते हुए डीसी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि आइसीयू को आइसीयू ही रहने दें. उसमें नार्मल मरीजों को भर्ती न करें. अगर एक दिन में 50 गंभीर मामले आ जाते हैं, तो आनन-फानन में उनके लिए अरेंज करना मुश्किल होगा. साथ ही कहा कि नॉर्मल कोविड-19 बेड खाली पड़े हैं. ऐसे में कोविड वार्ड के भरने के बाद ही इनका इस्तेमाल करने का निर्देश दिया.
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हॉस्पिटल का 80 परसेंट काम पूरा
डीसी ने कहा कि सदर हॉस्पिटल में लगभग 80% काम हो चुका है. कुछ छोटे-मोटे काम हैं, जो बचे हुए हैं. जिसके बारे में इंजीनियर और डिपार्टमेंट को अवगत करा दिया गया है. कोविड-19 के लिए व्यवस्था देखते हुए उन्होंने कहा कि हम कोशिश करें कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा बेड उपलब्ध करा सकें. फिलहाल सदर हॉस्पिटल में 240 बेड फंक्शनल हैं.
बेड के साथ ही ऑक्सीजन के लिए भी हॉस्पिटलों में पीएसए प्लांट लगाये गये हैं. ताकि ऑक्सीजन की कमी से किसी की मृत्यु न हो और न ही किसी को सिलेंडर ढोकर लाने-ले जाने की जरूरत पड़े.
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