
New Delhi: टाटा ट्रस्ट ने कोरोना से निपटने के लिए 500 करोड़ देने की घोषणा की है. टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा कि इसके लिए इमर्जेंसी रिसोर्स की जल्द से जल्द आपूर्ति होनी चाहिए.
टाटा ग्रुप पहले ही ऐलान कर चुका है कि वह देशभर में अपने ऑफिस और मैन्युफैक्चरिंग साइट्स पर काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों तथा दिहाड़ी मजदूरों को पूरा वेतन देगा.
टाटा की कुछ कंपनियों जैसे टाटा प्रॉजेक्ट्स में भारी तादाद में अस्थायी कर्मचारी कंस्ट्रक्शन गतिविधियों से जुड़े हैं.
कंपनी ने यह भी कहा है कि अगर कोई कर्मचारी किसी वजह से ऑफिस नहीं भी आता है, जैसे अभी लॉकडाउन में सबकुछ बंद है, उस परिस्थिति में भी सैलरी नहीं काटी जायेगी.
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ताज होटल अस्पतालों में दे रहा भोजन
कोरोना को कंट्रोल करने के लिए देश के सभी अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल कर्मी दिन-रात काम कर रहे हैं.
इंफेक्शन का डर इतना है कि वे घर तक नहीं जा रहे हैं. इन हालात में टाटा ग्रुप के ताज होटल ने मुंबई में मेडिकल कर्मियों, मरीजों के लिए खाने का प्रबंध किया है.
मुंबई महानगर पालिका ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. ट्वीट में BMC ने कहा है कि हमने ताज कैटरर्स के साथ कोलैबोरेशन किया है.
ताज होटल की तरफ से बीएमसी के अस्पतालों में भर्ती मरीजों, डॉक्टरों और अन्य मेडिकल कर्मियों को खाने का प्रबंध किया गया है.
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और भी व्यवसायी घराने मदद को आगे आये
इससे पहले मेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल ने 100 करोड़ का ऐलान किया था. महिन्द्रा ग्रुप के आनंद महिन्द्रा ने कहा कि वह एक महीने की पूरी सैलरी देंगे.
बुधवार को बिस्किट बनाने वाली कंपनी पार्ले ने घोषणा की थी कि वह अगले तीन सप्ताह के भीतर तीन करोड़ बिस्किट का पैकेट दान करेगी.
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