
NewDelhi : दक्षिण एशियाई एसोसिएशन फॉर रिजनल कोऑपरेशन (SAARC) के देशों के बीच कोरोना वायरस से निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए प्रस्तावित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रविवार को शुरू होने की खबर है. जान लें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने घातक COVID-19 से निपटने की पहल करते हुए SAARC देशों के बीच यह शुक्रवार को प्रस्ताव रखा था, जिसपर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए SAARC देशों ने इसका स्वागत किया था.
दक्षेस में 8 राष्ट्र भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और अफगानिस्तान शामिल हैं. पाकिस्तान को छोड़कर सभी राष्ट्रों ने इस पहल पर तत्काल प्रतिक्रिया दे दी थी. हालांकि, शुक्रवार देर रात पाकिस्तान ने भी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हिस्सा लेने पर सहमति जता दी.
Diplomatic Sources: Proposed SAARC (South Asian Association for Regional Cooperation) video-conferencing, on tackling #Coronavirus, likely to take place tomorrow. pic.twitter.com/ek9a3RFNhv
— ANI (@ANI) March 14, 2020
This is what we call leadership. As members of this region, we must come together in such times. Smaller economies are hit harder, so we must coordinate. With your leadership, I have no doubt we will see immediate and impactful outcome. Looking forward to the video conference. https://t.co/2RnokAJQOs
— PM Bhutan (@PMBhutan) March 13, 2020
Thank you for the great initiative Shri @narendramodi – #LKA is ready to join the discussion & share our learnings & best practices and to learn from other #SAARC members. Let’s unite in solidarity during these trying times and keep our citizens safe. https://t.co/fAiT5w3O8D
— Gotabaya Rajapaksa (@GotabayaR) March 13, 2020
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पीएम मोदी के प्रस्ताव में क्या है
समाचार एजेंसी एएनआई ने कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि कोरोना वायरस के मुद्दे पर चर्चा के लिए सार्क देश रविवार को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सकते हैं. उल्लेखनीय है कि पड़ोसी देशों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक के बाद एक ट्वीट कर इसके खिलाफ दक्षिण एशियाई देशों के बीच एकजुटता की अपील की थी.
उन्होंने ट्वीट किया, हमारी धरती कोविड-19 नोवल कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है. विभिन्न स्तरों पर, सरकारें और लोग इससे निपटने की भरसक कोशिश कर रहे हैं. दक्षिण एशिया जहां विश्व की बड़ी आबादी रहती है, अपने लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा.
एक और ट्वीट में कहा, मैं प्रस्ताव देना चाहता हूं कि दक्षेस देशों का नेतृत्व कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मजबूत रणनीति बनायें. हम विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हमारे नागरिकों को स्वस्थ रखने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं. एक साथ मिलकर हम दुनिया के लिए उदाहरण पेश कर सकते हैं और धरती को स्वस्थ बनाने में योगदान दे सकते हैं.
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मित्र देश भूटान ने लीडरशिप को सराहा
भारत के पड़ोसी और मित्र देश भूटान के पीएम व पेशे से डॉक्टर लोटे शेरिंग ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और जवाब दिया, इसे लीडरशिप कहते हैं. इस क्षेत्र के सदस्य होने के नाते इस वक्त हम सभी को साथ आना चाहिए. कहा कि छोटी अर्थव्यवस्था ज्यादा प्रभावित हुई है, हम जरूर सहयोग करेंगे. आपके नेतृत्व में मुझे कोई शक नहीं है कि हम प्रभावशाली परिणाम देखेंगे.

श्रीलंका, मालदीव, नेपाल, बांग्लादेश, अफगानिस्तान उत्साहित
इस पहल से उत्साहित श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने रिट्वीट कर जवाब दिया और कहा कि हम चर्चा का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं. उन्होंने ट्वीट किया, नरेंद्र मोदी आपकी महान पहल के लिए आभार. लंका चर्चा में हिस्सा लेने, अपने ज्ञान साझा करने और सार्क देशों से सीखने के लिए तैयार है. इस परीक्षा की घड़ी में हम सभी एकसाथ हों और अपने नागरिकों को सुरक्षित बनायेंगे. चर्चा में शामिल होने के लिए नेपाल के पीएम के पी शर्मा ओली ने भी तुरंत ही अपनी सहमति जताई.
कोविड-19 को सामूहिक प्रयास से हराने की जरूरत है
मालदीव के पीएम अब्दुल्ला सोलिह ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा, कोविड-19 को सामूहिक प्रयास से हराने की जरूरत है. मालदीव इसका स्वागत करता है. बांग्लादेश के विदेश मंत्री शहरयार आलम ने कहा कि हमारी पीएम शेख हसीना पीएम मोदी के प्रस्ताव का स्वागत करती हैं. उन्होंने कहा कि पीएम हसीना, पीएम मोदी, सोलिह, ओली, शेरिंग और राजपक्षे के साथ रचनात्मक चर्चा के लिए तैयार हैं.
कोरोना अब दुनियाभर के 120 देशों में फैल गया है
अफगानिस्तान के दूतावास ने बयान जारी किया, कोविड-19 से निपटने के लिए सार्क देशों द्वारा ठोस रणनीति बनाने को लेकर पीएम मोदी की तरफ से की गयी पहल का हम स्वागत करते हैं. पीएम मोदी के प्रस्ताव पर सार्क के सभी देशों ने जहां तुरंत प्रतिक्रिया दी वहीं पाकिस्तान ने पूरा दिन इसपर फैसला लेने में बिता दिया. आखिरकार शुक्रवार देर रात उसने भी फैसले का स्वागत किया और विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होने पर सहमति जताई.
चीन के वुहान से निकलकर कोरोना अब दुनियाभर के 120 देशों में फैल गया है. अब तक 5000 लोगों की जान चली गयी है. करीब 1.4 लाख लोग इससे संक्रमित हैं. चीन के बाद सबसे अधिक मौतें इटली और ईरान में हुई हैं. भारत में भी 84 लोग इससे संक्रमित हैं. इनमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है.
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