
Ranchi : 14वें वित्त की राशि का उपयोग झारखण्ड की कुछ पंचायतों में किया जा रहा है. राज्य सरकार ने इसके उपयोग के लिए पीएफएमएस सिस्टम की बाध्यता भी 20 मार्च से कर रखी है.
झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग (ग्रामीण विकास) की ओर से जारी पत्र के अनुसार 20 मार्च के बाद से पंचायतें 14वें वित्त की राशि का उपयोग केवल ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट के जरिये ही कर सकती हैं.
इसके अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से किया गया भुगतान मान्य नहीं होगा. विभाग का यह आदेश पाकुड़ जिला की पंचायतों में लागू नहीं किये जाने और दूसरे जिले में अनिवार्य बाध्यता की वजह से पंचायत के जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है.
वे कह रहे हैं कि Covid-19 के दौर में यह तरीका पाकुड़ पर रहम और बाकियों पर सितम जैसा है. कोरोना आपदा से निपटने तक बाकी जिलों की पंचायतों को भी PFMS सिस्टम से मुक्त किया जाये.
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पाकुड़ में डिजिटल पेमेंट के प्रावधान से है विशेष छूट
पाकुड़ डीडीसी की ओर से 21 अप्रैल को जारी पत्र (पत्रांक 225) के अनुसार 14वें वित्त की राशि से 1 लाख रुपये का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में Covid-19 के संभाव्य संक्रमण की रोकथाम के लिए किया जा सकता है.
इस पैसे से ग्रामीण पथों, स्कूल, कॉलेज, आंगनवाडी केंद्र, हॉस्पिटल, लाइब्रेरी, सामुदायिक भवन, हाट बाजार, बैंक परिसर, डाकघर और अन्यान्य स्थलों को नियमित रूप से सैनीटाइज्ड करने में करना है.
सफाई कर्मियों के लिए फेस मास्क, आंखों की रक्षा के लिए चश्मा, हैण्ड ग्लव्स, साबुन, सैनीटाइजर और अन्य सामग्रियों की खरीद की जा सकती है.
इस मद में किये जाने वाले व्यय को PFMS से मुक्त किया जाता है. इसके अतिरिक्त किसी अन्य योजना का भुगतान हेतु चेक निर्गत नहीं किया जायेगा.
20 मार्च तक ही चेक से पैसे की निकासी का था विभागीय आदेश
पंचायती राज विभाग ने 6 मार्च को एक पत्र (पत्रांक 435) सभी जिलों के पंचायती राज विभाग को जारी किया था.
इसके अनुसार ग्राम पंचायतों द्वारा वित्त आयोग की राशि से 20 मार्च तक चेक या अन्य माध्यम से पैसे की निकासी-भुगतान की अनुमति दी गयी.
डिजिटल पेमेंट (PFMS) की शर्त 20 मार्च के बाद से हर हाल में लागू लिए जाने का निर्देश दिया गया.
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सीएम से डिजिटल पेमेंट की अनिवार्यता स्थगित करने की मांग
झारखण्ड प्रदेश मुखिया संघ ने सीएम हेमंत सोरेन से मांग की है कि कोरोना की रोकथाम के लिए पंचायतों में 14वें वित्त आयोग की राशि का खर्च चेक से भुगतान किये जाने की अनुमति मिले.
संघ के प्रमुख विकास महतो के अनुसार अधिकांश मुखिया के पास डिजिटल साइन नहीं है. इसे करने की प्रक्रिया में अभी कठिन है और इसमें समय भी लगेगा.
ऐसे में 14वें वित्त की राशि से 1 रुपये का भी उपयोग नहीं हो पायेगा. केवल कोरोना काल की मौजूदा स्थिति सामान्य होने तक पूर्व की तरह चेक से भुगतान की अनुमति सरकार दे.
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