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देश के प्राइमरी टीचर ने दिखाया कमाल, जीता 7 करोड़ रुपये का ग्लोबल टीचर पुरस्कार

पहली बार किसी भारतीय को मिला दुनिया का सर्वश्रेठ टीचर होने का सम्मान

New delhi: देश के प्राइमरी टीचर ने अपनी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है. महाराष्ट्र के सोलापुर जिला परिषद स्कूल के प्राइमरी शिक्षक ने 7 करोड़ रुपये के इनामी राशि वाले ग्लोबल टीचर पुरस्कार जीत कर भारत का मान बढ़ाया है. शिक्षक रणजीत सिंह डिसले ने गुरुवार को यह पुरस्कार प्राप्त किया.

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लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं

रणजीत सिंह डिसले को बतौर ग्लोबल टीचर पुरस्कार के लिए चुने जाने पर 7 करोड़ की इनामी राशि मिली है. बता दें कि पहली बार किसी भारतीय को दुनिया का सर्वश्रेठ टीचर होने का सम्मान हासिल हुआ है.रणजीत सिंह डिसले को लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और भारत में त्वरित-प्रतिक्रिया (QR) कोडित पाठ्यपुस्तक क्रांति को गति देने के उनके प्रयासों के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है.

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पुरस्कार राशि का आधा हिस्सा अपने साथी प्रतिभागियों को देंगे

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के परितेवाडी गांव के 32 वर्षीय रंजीत सिंह डिसाले ने 2014 में वर्के फाउंडेशन द्वारा स्थापित इस वार्षिक पुरस्कार के लिए दुनिया भर के 10 फाइनलिस्टों में से विजेता चुने गये. लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में संपन्न हुए समारोह में हॉलीवुड के एक्टर स्टीफन फ्राय इस पुरस्कार की घोषणा की. वहीं, डिसले ने घोषणा की कि वह अपनी पुरस्कार राशि का आधा हिस्सा अपने साथी प्रतिभागियों को उनके अतुल्य कार्य में सहयोग के लिए देंगे.

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