
Kochi: भारत में कोरोना वायरस की जांच में अब तक जो तीन मामले पॉजिटिव पाये गये हैं. उनमें केरल के वे छात्र हैं जो चीन के ऐतिहासिक शहर वुहान में एक विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने गये थे. इसके चलते वुहान और केरल के बीच संबंध सुर्खियों में है.
गौरतलब है कि चीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 490 हो गई और इसके 24,324 मामलों की पुष्टि हुई है. चीन राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि मंगलवार को इससे 65 लोगों की जान गई और ये सभी हुबेई प्रांत और उसकी राजधानी वुहान से थे.
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केरल निवासियों के लिए शिक्षा का पसंदीदा केंद्र रहा है वुहान
केरल निवासियों के बीच वुहान शहर शिक्षा का एक लोकप्रिय केंद्र है जहां कम खर्च में चिकित्सा की पढ़ाई की जा सकती है. पढ़ाई में लगने वाला कम खर्च, सुविधाएं और अंग्रेजी में मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के चलते केरल के छात्र चीन स्थित वुहान यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में दाखिला लेने के इच्छुक रहते हैं.
वुहान चीन की राजधानी बीजिंग से एक हजार किलोमीटर और चीन की वित्तीय राजधानी शंघाई से आठ सौ किलोमाटर से अधिक दूरी पर स्थित है. वुहान एक ऐतिहासिक शहर है जिसने बीसवीं शताब्दी के चीन में अहम भूमिका निभायी थी.
वुहान से लौटे एक छात्र ने कहा कि मैं वुहान विश्वविद्यालय में चिकित्सा शिक्षा को लेकर बहुत खुश हूं वे कम खर्च में क्वालिटी एजुकेशन देते हैं. एमबीबीएस की तीसरे साल की छात्रा ऐश्वर्या हरिहरन के अनुसार वुहान यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन केरल के छात्रों के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए पसंदीदा केंद्र है क्योंकि वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा दी जाती है.
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क्या कहना है वुहान में पढ़ने वाले केरल के छात्रों का
विश्वविद्यालय के बाहर से आये छात्रों को अंग्रेजी में शिक्षा दी जाती है. ऐश्वर्या ने कहा कि हमारे बैच में लगभग सत्तर अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं जिनमें से पचास केरल के हैं. छात्रों का दावा है कि विश्वविद्यालय में प्रदान की जाने वाली सुविधाएं भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की हैं.
छात्रों के मुताबिक केरल के पांच सौ छात्र वुहान यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में पढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वुहान जल्दी ही कोरोना वायरस के खतरे से मुक्त हो जायेगा और छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख पाएंगे. छात्रों के अनुसार केरल में 35 चिकित्सा कॉलेज हैं लेकिन सभी को उनमें सीट नहीं मिल सकती.




