
New Delhi: देश में कोरोना के नए मामले तेज गति बढ़ने लगे हैं. रोजाना 2000 से अधिक संक्रमित मिलने का क्रम गुरुवार को भी जारी रहा. इस दिन 24 घंटे में 2451 नए कोरोना मामले मिले हैं. 54 लोगों ने जान गंवाई है. इससे पहले बुधवार को देश में 2,380 नए मामले सामने आए थे. इसके साथ ही देश में सक्रिय मरीजों की संख्या 14 हजार के पार पहुंच गई है. मालूम हो कि सप्ताह पूर्व तक रोजाना मिलने वाले संक्रमितों की संख्या 1000 के नीचे रह रही थी. खासकर राजधानी दिल्ली की स्थिति गंभीर होती जा रही है. वहां रोजाना 1000 के करीब संक्रमित मिल रहे हैं. इस बीच अच्छी बात यह है कि देश में कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर 98.76 प्रतिशत है.
इधर, अब 5-11 आयु वर्ग के बच्चों के लिए वैक्सीन का रास्ता साफ हो गया है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने 5-11 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए कॉर्बेवैक्स कोविड वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की सिफारिश की है. ज्ञात हो कि हैदराबाद स्थित फर्म बायोलॉजिकल-ई की ओर से विकसित, कॉर्बेवैक्स कोविड-19 के खिलाफ भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित आरबीडी प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है.
मालूम हो कि देश भर में बच्चे स्कूल जाने लगे हैं. इधर, बच्चे भी कोरोना बीमारी की चपेट में आने लगे हैं. जिसके मद्देनजर वैक्सीनेसन को जरूरी माना गया. यह भी आशंका जताई जा रही है कि यदि बच्चों को वैक्सीनेटेड नहीं किया गया तो यह वयस्कों व बुजुर्गों में भी कोरोना संक्रमण का प्रसार कर सकते हैं. कॉर्बेवैक्स वैक्सीन में उच्च स्तर की प्रभावशीलता पाई गई है क्योंकि यह एक ऐसी प्रक्रिया का उपयोग करती है जिसे पहले ही आजमाया जा चुका है और बच्चों को दिए गए दूसरे टीके के साथ परीक्षण किया जा चुका है. कॉर्बेवैक्स वर्तमान में 12-14 आयु वर्ग के बच्चों को दिया जा रहा है.




