JharkhandRanchi

Ranchi: न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून की मांग को लेकर किसान सभा ने किया विरोध- प्रदर्शन

Ranchi: भारतीय किसान संघर्ष समिति के बनैर तले शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शन जिला स्कूल से निकल कर राजभवन तक गया. जहां सभा में तब्दील हो गया. विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह केंद्र सरकार की ओर से किसानों से किया गया वादाखिलाफी है. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि संविधान के बल पर देश में किसान आंदोलन चल रह है. किसान आंदोलन को एक साल पूरे हुए. पिछले साल इसी समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों के सामने झुकना पड़ा.एक साल होने पर केंद्र सरकार ये भूल गयी है कि किसान विरोधी तीनों काला कानून के विरोध में एक साल तक किसान दिल्ली के पांचों बॉर्डर पर पड़े रहे. आखिरकार प्रधानमंत्री को तीनों कानून वापस लेना पड़ा. उत्तर प्रदेश के चुनाव को देखते हुए किसानों से उन्होंने वादा किया था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए कानून बनाया जाएगा. किसानों पर किया गया मुकदमा वापस लिया जाएगा, लेकिन प्रधानमंत्री ने देश के किसानों के साथ धोखा किया है. 2 साल बीतने को है, लेकिन सरकार किसानों के किए गए वादे को पूरा करने में विफल रहे हैं.
इसे भी पढ़ें: Constitution Day: PM मोदी बोले- भारत लोकतंत्र की जननी, संविधान को समझें युवा

संविधान किसानों की ताकत
इस दौरान नेताओं ने कहा कि संविधान किसानों की ताकत है. संविधान के बल पर ही हर मांगे सरकार से पूरी कराएंगे. केंद्र की मोदी सरकार लगातार जनविरोधी नीतियों को लागू कर रही है. जिसके चलते देश के किसान छात्र नौजवान मजदूर सभी आंदोलन पर हैं. केंद्र की सरकार कॉरपोरेट घराने के इशारे पर किसानों की जमीन लूटना चाहती है. तो दूसरी तरफ उद्योगपतियों को लाभ के लिए मजदूरों के अधिकार छीनना चाहती है. सभा की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव महेंद्र पाठक, झारखंड किसान सभा के सचिव सुजीत सिन्हा , मिथिलेश सिंह, एआईटीयूसी के लाल देव सिंह, महेश कुमार, शुभेंदु सेन शामिल रहे.

ये है प्रमुख मांग
किसान संगठनों की मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून बनाया जाए, बिजली बिल 2020 वापस लिया जाए, सुखाड़ घोषित क्षेत्र में अबीलंब राहत कार्य चालू कराया जाए. भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू कराया जाए. बंदोबस्त गैरमजरूआ जमीन की रसीद चालू कराया जाए ,धान के क्रय केंद्र अबीलंब खोलते हुए केरल के तौर पर 2850 रुपए प्रति क्विंटल धान की खरीद की जाए. जंगलों में रहने वाले लोगों को वन पट्टा दिया जाए आदि मांग है.

Related Articles

Back to top button