
SATYA PRAKASH PRASAD
Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति मामले में हिंदी विषय के रिजल्ट को लेकर अबतक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है. आयोग राज्य के 24 जिलों में हिंदी विषय का रिजल्ट अबतक नहीं जारी कर पाया है. आयोग ने हिंदी विषय में अभ्यार्थियों से जो आवेदन लिये थे, उनमें हिंदी विषय की स्पष्टता नहीं होने के कारण एमआइएल हिंदी के पास अभ्यार्थियों ने भी आवेदन कर दिया. जबकि तीन वर्षीय हिंदी ऑनर्स के अभ्यर्थियों को आवदेन करना था. आयोग की ओर से विज्ञापन देनें में ही चूक हुई. रिजल्ट के दौरान एमआइएल के अभियार्थियों ने अच्छे अंक लाये. लेकिन अब आयोग हिंदी का फाइनल रिजल्ट निकालने में फंस गया है. इसके लिए आयोग ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को पत्र लिखकर यह जानना चाहा कि इन दोनों में से किन छात्रों को हिंदी शिक्षक के रूप में नियुक्ति की जाए. आयोग ने विभाग से 15 दिनों में जवाब मांगा था.
तीन साल हिंदी पढ़नेवाले ही होंगे हिंदी के शिक्षक : सचिव
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव एपी सिंह ने कहा आयोग द्वारा पत्रचार का जवाब विभाग की ओर से भेज दिया गया. तीन साल हिंदी पढ़नेवाले अभ्यर्थी ही हाईस्कूल में हिंदी विषय के शिक्षक बन सकेंगे. पिछली बहानी के दौरान, इस संदर्भ में झारखंड हाईकोर्ट फैसला सुना चुका है.
एमआइएल के अभ्यर्थियों ने लाये हैं अधिक अंक
राज्य कर्मचारी आयोग द्वारा ली गयी हिंदी विषय की परीक्षा में एमआइएल के अभ्यर्थियों ने तीन साल हिंदी पढ़नेवाले अभ्यार्थियों से अधिक अंक लाये हैं. आयोग के समक्ष अब ये समस्या आ गयी है कि किनका फाइनल रिजल्ट जारी करेगा. जानकारों का मानना है कि आयोग इस दिशा में रि-काउंसलिंग कर सकता है. इसमें एमआइएल हिंदी के अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित होना पड़ सकता है.
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