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सदर अस्पताल में दवाईयों की कमी पर सिविल सर्जन का जवाब- मेरे कार्यालय में क्या हो रहा है ये जानना आपका काम नहीं

Ranchi : रांची सदर अस्पताल की अव्यवस्था दूर होती नहीं दिखती. दवाईयों की कमी सदर अस्पताल में आम है. महिलाओं और बच्चों के लिये यहां अलग से नये भवन का निमार्ण किया गया. जिसमें दो सौ बेड की सुविधा है.

भवन तो बना दिया गया. बेड भी लगा दिया गया. लेकिन दवाईयों की आपूर्ति और कर्मचारियों की कमी पर ध्यान नहीं दिया गया. वर्तमान में रांची सदर अस्पताल में हीमोफिलिया की दवाई नहीं है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लंबे समय से सदर अस्पताल में हीमोफिलिया दवाई की कमी चल रही है. कई बार इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी गयी. लेकिन बावजूद इसके दवाई की पूर्ति पर ध्यान नहीं दिया गया.

जबकि यहां ओपीडी में प्रतिदिन लगभग दो सौ लोग इलाज कराने आते हैं. महिला वार्ड में लगभग 80 महिलाएं औसतन प्रतिदिन भर्ती रहती हैं. पूराने भवन के जेनरल वार्ड में भी लगभग 60 मरीज भर्ती रहते हैं. इमरजेंसी में लोगों की कतार भी देखी जाती है.

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सिविल सर्जन नहीं देते जवाब

इस संबध में सिविल सर्जन डाॅ विजय बहादूर प्रसाद ने कहा कि कार्य करने दें. मेरे कार्यालय में क्या हो रहा है ये जानना आपका काम नहीं.

दवाईयां भरपूर है. किसी चीज की कमी नहीं है. सुनकर हर बातें नहीं पूछी जाती. जहां से पता लगाना है लगा लें. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता.

अन्य दवाईयों की भी है कमी

अस्पताल में सिर्फ हीमोफिलिया से संबधित दवाई ही नहीं बल्कि कैल्सियम, विटामीन समेत कई अन्य दवाईयों की भी कमी है. आये दिन मरिजों को दवाई लेने के लिए बाहर जाना पड़ता है.

यहां इलाज कराने आयी महिलाओं से बात करने पर जानकारी मिली कि वो अलाज तो सदर अस्पताल में करा रही है लेकिन दवाईयां बाहर से ले रही हैं. कैल्सियम की दवाई अक्सर अस्पताल में नहीं रहती है. वहीं आंख, नाक और कान से संबधित दवाईयां भी अस्पताल में नहीं रहती.

नये भवन में कार्यरत नर्सों से बातचीत के दौरान जानकारी मिली कि अस्पताल में हमेशा दवाईयों की कमी रहती है. ऑपरेशन के लिये भी संसाधन सही से उपलब्ध नहीं है.

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2017 के बाद से नहीं निकाला गया दवाइयों का टेंडर 

कुछ सूत्रों ने जानकारी दी कि अस्पताल में 2017 के बाद से दवाईयों के लिये टेंडर नहीं निकाला गया है. जिसके कारण अस्पताल में दवाईयों की कमी चल रही है. विगत दिनों कुछ समाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अस्पताल का भ्रमण किया था.

जिसमें समान्य दवाईयों के साथ जीवन रक्षक दवाईयों की कमी देखी गयी. लहू बोलेगा के संयोजक नदीम खान ने जानकारी दी कि अस्पताल में दवाईयों की कमी है. समय-समय पर संगठन की ओर से अस्पताल का भ्रमण किया जाता है जिसमें दवाई न होने की बात सामने आयी है.

क्या है हीमोफिलिया

हीमोफिलिया एक अनुवांशिक रोग है. जो पुरूषों को होती है. लेकिन यह महिलाओं से ही फैलती है. रोग के लक्ष्ण है कि इसमें रक्त का थक्का नहीं जमता. इसके लिये वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाता है.

 

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