
Ranchi : दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी ने रवींद्रनाथ टैगोर के वंशज की जमीन से संबंधित दस्तावेज में हुई छेड़छाड़ मामले में सीआईडी जांच की अनुशंसा कर दी है. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दस्तावेजों में डाटा में हेराफेरी कि गयी है. पूरा आंकड़ा ही बदल दिया गया है. यही नहीं रिकॉर्ड रूम में भी इससे संबंधित दस्तावेज फाड़ दिये गये हैं. इस पूरे मामले में कर्मचारियों-अधिकारियों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है.
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दो सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट से मामले का हुआ था खुलासा:
इस पूरे मामले का खुलासा जिला प्रशासन की दो सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट से हुआ है. जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी को सौंप दी थी.
इस मामले में प्रथम दृष्टया तत्कालीन सीओ और राजस्व कर्मचारी दोषी पाये गये हैं:
जांच रिपोर्ट के अनुसार दस्तावेज के छेड़छाड़ में तत्कालीन सीओ व राजस्व कर्मचारी को दोषी पाया गया है. आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी ने जांच रिपोर्ट विभाग को भेज दी है. वंशज हेमेंद्र नाथ टैगोर ने प्रमंडलीय आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया था. जिसे गंभीरता से लेते हुये आयुक्त ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी.
हेमेंद्र नाथ टैगोर ने आयुक्त को भेजा था पत्र
हेमेंद्र नाथ टैगोर ने प्रमंडलीय आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया था. जिसे गंभीरता से लेते हुये आयुक्त ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी.
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क्या है मामला
मामला सदर थाना क्षेत्र के बड़गाई अंचल के खाता नंबर 161 के प्लाट नंबर 764 का है. जिसकी 5.12 एकड़ जमीन पर दूसरे लोग दावेदारी कर रहे हैं. 1908 और 1929 में यह जमीन रवींद्रनाथ टैगोर के भाई हेमेंद्रनाथ टैगोर की बहू सरोजनी देवी ने खरीदी थी.1932 के खतियान में भी सरोजनी देवी के इकलौते पोते हीरेंद्रनाथ टैगोर के नाम से यह संपत्ति है. वर्तमान में यह संपत्ति सरोजनी देवी के वंशज हिमेंद्रनाथ टैगोर के अधीन है. लेकिन परिजनों का आरोप है कि 1932 के खतियान में छेड़छाड़ कर किसी सुनंदो टैगोर ने इस पर अपनी दावेदार जताई है, जो कि गलत है.
रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार का आरोप :
हेमेंद्रनाथ टैगोर की वंशज और याचिकाकर्ता हिमेंद्रनाथ टैगोर की पत्नी नीता टैगोर ने बताया कि सुनंदो टैगोर को वे जानते तक नहीं है. उन्होंने बताया कि जमीन पर वे लोग ही कई सालों से मालगुजारी भरते आ रहे हैं. लेकिन किसी ने अचानक खतियान में नाम में छेड़छाड़ कर अपनी दावेदारी कर दी है.
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