
New Delhi: भारत और चीन के बीच तनाव बरकारार है. वहीं एलएसी पर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की कई राउंड बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन विवाद का हल निकलता नहीं दिख रहा. वहीं 30 जून को हुई 12 घंटे की कोर कमांडरों की बातचीत से भी कोई रास्ता नहीं निकला. इस बीच चीन की अखबार ग्लोबल टाइम्स का दावा है कि दोनों देश चरणबद्ध तरीके से सैनिकों को हटाने के लिए तैयार हैं.
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चरणबद्ध तरीके से हटेगी सेना ?
चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अग्रिम मोर्चे पर तैनात सेनाओं को चरणबद्ध तरीके से हटाएंगे और सीमा पर हालात बेहतर करने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे.
चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सूत्र के हवाले से इस अखबार का कहना है कि, सैन्य कमांडरों की बातचीत में दोनों देशों ने एलएसी पर तनाव घटाने और भविष्य में गलवान जैसी घटना से परहेज करने के प्रति सहमति जताई. अखबार ने कहा, दोनों ही पक्ष मौजूदा सीमा वार्ता की प्रक्रिया, समझौतों का पालन और ऐतिहासिक तथ्यों के सम्मान करने पर भी राजी हुए. साथ ही इस पर बात पर भी जोर दिया गया कि दोनों ही पक्ष बातचीत से सहमति बनाने पर जोर देंगे.
72 घंटे तक निगरानी !
बता दें कि 30 जून को चीन के कोर कमांडर मेजर जनरल लिउ लिन ने भारत के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरेंदर सिंह से 12 घंटों की बातचीत की, लेकिन बातचीत वहीं की वहीं अटकी हुई है. हालांकि मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक, दोनों देश 15 जून जैसी खूनी भिड़ंत फिर ना करने पर सहमत हैं. साथ ही भारत और चीन में सहमति बनी है कि 72 घंटों तक दोनों पक्ष एक दूसरे पर निगरानी रखेंगे कि जिन बातों पर एक राय बन गई उसे जमीन पर उतारा जा रहा या नहीं.
इसके साथ ही ग्लोबल टाइम्स अखबार ने कहा कि जरूरी यह है कि भारत को चीन से मुलाकात जारी रखनी चाहिए. लेकिन ग्लोबल टाइम्स के इस दावे पर अभी तक कोई मुहर नहीं लगी है. सूत्रों के मुताबिक, 22 जून की बैठक में भी चीन चरणबद्ध तरीके से सरहद से हटने को तैयार हो गया था. लेकिन 8 दिन बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
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कल लद्दाख जायेंगे रक्षा मंत्री
चीन और भारत में बरकरार तनाव के बीच रक्षा मंत्री लद्दाख का दौरा कर सकते हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख में चीनी सेना के साथ सीमा पर गतिरोध के मद्देनजर भारत की सैन्य तैयारियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं. राजनाथ सिंह शुक्रवार यानि कल लेह पहुंचेंगे और पूर्वी लद्दाख में चीन से बने तनाव की स्थिति पर सुरक्षा हालातों की समीक्षा करेंगे. रक्षा मंत्री लद्दाख में तैनात जवानों से भी मिलेंगे और गलवान के वीरों से मिलने लेह के अस्पताल जाएंगे.
पिछले पांच मई को दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध के बाद यह रक्षा मंत्री का पहला लद्दाख दौरा होगा जिसमें उनके साथ सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे रहेंगे.
उल्लेखनीय है कि भारतीय और चीनी सेनाएं पिछले सात हफ्तों से पूर्वी लद्दाख में कई स्थानों पर आमने सामने हैं. 15 जून को गलवान घाटी में हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद तनाव काफी बढ़ गया. चीनी सैनिकों को भी नुकसान उठाना पड़ा. लेकिन उसने इस संबंध में अभी तक कोई ब्यौरा नहीं दिया है.
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