
Ranchi. अभिभावक बनने के बाद बहुत कम ही मौका मिलता है जब लोग अपने बचपन में लौट सकें. बात अगर गांव की हो तो लोग वैसे भी संकोच करते हैं. खेल की प्रक्रिया से जुड़ने के लिए. पर खूंटी के बीहड़ इलाके में से एक कच्चाबाड़ी पंचायत के चंदापारा गाँव के बच्चों ने इस काम को अंजाम कर दिखाया. रविवार को गांव में अपने पुरुष अभिभावकों को क्रिकेट मैच से जोड़ कर अपना मैनेजमेंट हुनर दिखाया. गाँव में एक संस्था प्रतिज्ञा के द्वारा एक सेंटर स्थापित किया गया है जहां बच्चों को लाइफ स्किल्स सिखाया जाता है. साथ ही कार्यक्रमों को डिज़ाइन और संचालित करने की कला भी.
मनोरंजन की रही व्यवस्था
चंदापारा में क्रिकेट मैच के आयोजन के लिये गांव के 40 बच्चों की टीम ने पूरे एक महीने तक मेहनत की. दो बार तो मैच होते-होते रह गया. कारण कि सभी अभिभावकों के समय की उपलब्धता नहीं हो पाना रहा. अंततः बच्चों ने मैच के लिए मैदान और बैट-बॉल का इंतजाम किया. साथ ही फर्स्ट ऐड, ड्रिंक्स, चीयरलीडर्स, सेल्फी कॉर्नर, मोटिवेशनल गीत इत्यादि का भी इंतजाम किया.
इस मैच का उद्घाटन गांव की वार्ड मेंबर शीला लकड़ा तथा चंदापारा की सक्रिय सदस्य सीमा बखला ने किया. मैच में गाँव के अभिभावकों की दो टीम खेली. इनका नाम चंदापारा टाइगर्स और चंदापारा लूथरन था. पहले बैटिंग करते हुए टाइगर्स टीम ने 16 ओवरों में 8 विकेट खोकर 141 रन बनाए वहीं लूथरन टीम 100 रन बनाकर ऑलआउट हो गई.
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शीला लकड़ा के मुताबिक एक महिला होकर पुरुष अभिभावकों के इस मैच का उद्घाटन करना उनके लिए काफी सम्मान की बात है. कहा कि जब बच्चों ने 3 साल पहले माताओं का फुटबॉल मैच करवाया था तो वह भी एक टीम का हिस्सा थी. ऐसे में वह अच्छे से समझ सकती हैं कि इन पिताओं को आज कैसा महसूस हो रहा होगा.
मैनेजमेंट स्किल से नयी उंचाईयों को छूने की ललक
प्रतिज्ञा के अध्यक्ष अजय कुमार ने अभिभावकों के दोनों टीमों को उनके टीम स्पिरिट के लिए काफी सराहा. साथ ही सेंटर के सभी बच्चों को इस पूरे कार्यक्रम के सफलता के लिए बधाई दी. उम्मीद जतायी कि बच्चों का यह मैनेजमेंट स्किल उन्हें नयी ऊँचाईयों तक लेकर जायेगा. संस्था इस काम में आगे भी मदद करेगी.
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