
New Delhi: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले दो दिनों से कांग्रेस पार्टी के भीतर जारी उथलपुथल पर आज विराम लगने के पूरे आसार हैं. पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे आज मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकते हैं. हालांकि, नतीजे के बाद इस पद के लिए कई नाम सामने आए थे और अब रेस में सिद्धारमैया व डीके शिवकुमार बजे हैं. दोनों के बीच तगड़ा मुकाबला है. इस बीच संकेत मिल रहे हैं कि सिद्धारमैया शिवकुमार से आगे चल रहे हैं. उन्हें पार्टी के जीते हुए 135 विधायकों में से 89 का समर्थन प्राप्त है.
सिद्धारमैया पार्टी नेतृत्व के बुलावे पर वह सोमवार को दिल्ली भी पहुंच गए हैं. इसी दिन शिवकुमार को भी बुलाया गया था, लेकिन बीमारी का हवाला देकर उन्होंने दिल्ली आने से इन्कार कर दबाव बनाने की कोशिश की. माना जा रहा है कि शिवकुमार फिलहाल झुकने के मूड में नहीं है. नेतृत्व किसी भी सूरत में शिवकुमार को नाराज नहीं करना चाहता. जानकारी मिली है कि सम्मानजनक समायोजन के लिए अहम विभागों के साथ अब उन्हें उपमुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया है.
शिवकुमार के आज दिल्ली पहुंचने की बात बताई जा रही है. इसकी पुष्टि उनके सांसद भाई ने की है. शिवकुमार दिल्ली में सोनिया व राहुल से भी मुलाकात कर सकते हैं. शिवकुमार दोनों के करीबी हैं और पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के संकटमोचक की भूमिका निभा रहे हैं. इनकी संगठन क्षमता के कायल पार्टी के तकरीबन सभी बड़े लीडर हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पहुंचने के बाद अब सबकी निगाहें शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हैं. पर्यवेक्षक सुशील कुमार शिंदे, भंवर जितेंद्र सिंह व दीपक बावरिया ने रविवार देर रात तक विधायकों से मशविरे के बाद सोमवार शाम दिल्ली में खरगे को अपनी रिपोर्ट सौंपी. हालांकि, सिद्धरमैया ने दिल्ली रवानगी से पहले ही दावा कर दिया था, ज्यादातर विधायक मेरे पक्ष में हैं. इसके जवाब में शिवकुमार ने कहा, पार्टी ने मेरे नेतृत्व में चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की है.
कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि सीएम का चयन करने में खरगे ज्यादा समय नहीं लेंगे. सूत्रों के मुताबिक, पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद अब सोनिया गांधी व राहुल गांधी के साथ मशविरा करके मंगलवार को नए सीएम के नाम का एलान कर सकते हैं. नए सीएम को 18 या 20 मई को शपथ दिलाई जा सकती है.




