
Chatra: चतरा में बिजली की लचर व्यवस्था से जहां लोग परेशान हैं. वही जर्जर हो चुके बिजली के तार मौत को आमंत्रण दे रहे हैं. ऐसा ही हादसा सोमवार को शहर के मारवाड़ी मोहल्ला में हुआ, जहां खटाल संचालक संतोष यादव की मौत 11 होल्ट के तार की चपेट में आने से हो गयी. इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों का हंगामा देखने को मिला. लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया और मुआवजे की मांग की. हालांकि, जिला प्रशासन की पहल के बाद मामला शांत हुआ.
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मिली जानकारी के अनुसार, शहर के गंधारी मंदिर इलाके में संचालित खटाल के संचालक संतोष यादव मवेशियों को चारा देने के लिए पानी लाने मारवाड़ी मोहल्ला स्थित चापाकल पर गए थे. यहां पानी भरने के दौरान अचानक ग्यारह हजार करंट का बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिरा, जिसने संतोष को अपनी चपेट में ले लिया. घटना के बाद आनन फानन में स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग को घटना की सूचना देकर बिजली कटवायी और संतोष को सदर अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने संतोष को मृत घोषित कर दिया.
लोगों ने किया हंगामा
घटना के बाद बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. मुआवजे और आश्रित परिजन के लिए नौकरी की मांग को लेकर लोगों ने सड़क जाम किया और दुकानें बंद करवायी. इधर मामले की जानकारी मिलते ही नगर परिषद उपाध्यक्ष सुदेश कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया. इस दौरान उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की. अधिकारियों ने सरकारी प्रावधानों के अनुसार मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने की बात कही. जिसके बाद परिजन शांत हुए.
लापरवाह एजेंसी के विरुद्ध दर्ज होगी प्राथमिकी
शहर के जर्जर विद्युत तारों को बदलने की जिम्मेवारी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल ने हैदराबाद की एजेंसी मेसर्स गोपी कृष्णा को दी है. एजेंसी को आपूर्ति प्रमंडल द्वारा डेढ़ वर्ष पूर्व ही कार्य आवंटन कर दिया गया है. इसके तहत एजेंसी को अभियान के तहत शहर के जर्जर तारों को बदलते हुए नए तार लगाने थे. लेकिन एजेंसी का काम इतनी धीमी रफ्तार से हो रहा है कि करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक तार बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह से शुरु भी नहीं हुई है. ऐसे में आए दिन शहर के विभिन्न इलाकों में तार गिरने के कारण घट रही छोटी-बड़ी घटनाओं का कोपभाजन शहरवासियों को होना पड़ रहा है. शहरवासियों की मानें तो खटाल संचालक संतोष यादव की करंट से मौत की घटना कार्य एजेंसी के लापरवाही का ही नतीजा है. पीड़ित परिजनों ने कार्य एजेंसी के विरुद्ध सदर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है.
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