
Ranchi: समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित राज्य के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की कक्षा छह के नामांकन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. बदलाव के तहत कक्षा छह के 75 फीसदी सीटों पर पहले की तहर ही और 25 फीसदी सीटों में लिखित परीक्षा के आधार पर नामांकन लिया जायेगा.
कस्तूरबा स्कूलों में नामांकन को लेकर परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नये पैटर्न में एडमिशन की प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरा करने को कहा है. एडमिशन के लिए लिखित परीक्षा झारखंड अधिविध परिषद (जैक) की ओर से ली जायेगी.
ड्राप आउट की संख्या में हुई कमी को देखते हुए लिया गया फैसला
परियोजना निदेशक की मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया है. राज्य में ड्राप आउट की संख्या में हुई कमी को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया गया है. कक्षा छह में नामांकन प्रक्रिया में किये गये बदलाव के पीछे का तर्क है कि 25 फीसदी सीट में वे सभी छात्राएं आ जायेंगी जो बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखती हैं.
इसमें किसी भी श्रेणी की छात्राएं नामांकन के लिए आवेदन कर सकती है. 25 फीसदी सीटों के नामांकन में झारखंड के सुदूर इलाकों में रहने वाली लड़कियों, एकल माताओं की बच्चियों, अनाथ और आदिम जनजाति की बच्चियों को प्राथमिकता दी जायेगी.
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पहले की तरह अब 75% सीटों पर होगा एडमिशन
अब तक कक्षा छह की 100 फीसदी सीटों में जिस प्रक्रिया के तहत नामांकन होता था, ठीक उसी प्रक्रिया के तहत इस शैक्षणिक सत्र की 75 फीसदी सीटों में नामांकन लिया जायेगा. अब तक की एडमिशन प्रक्रिया में बच्चियों का चयन प्रखंड स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा पर उपायुक्त द्वारा गठित जिला स्तरीय चयन समिति करती है.
इसमें ड्राप ऑउट, ट्रैफिकिंग, नक्सल प्रभावित, पलायन कर चुके परिवार की बच्चियों के अलावा दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले एससी, एसटी, अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों का चयन किया जाता रहा है. गौरतलब है कि राज्य में 203 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं, जहां कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई करायी जाती है.




