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झारखंड के 9 जिलों में टीकाकरण की स्पीड धीमी, कोरोना वैक्सीनेशन पर पीएम मोदी ने की समीक्षा बैठक

Ranchi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कम वैक्सीनेशन कवरेज वाले जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक की. प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 48 जिलों के वैक्सीनेशन की समीक्षा की. इस बैठक में जिलों के उपायुक्तों के अलावा उन राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए.

बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली डोज के साथ-साथ दूसरे डोज पर भी उतना ही ध्यान देना होगा. क्योंकि जब केस कम होने लगते हैं तो लोगों को लगता है कि इतनी भी क्या जल्दी.

ध्यान रहे, हमें किसी भी हालत में लोगों की सोच को धीमा नहीं होने देना है. इस सोच की वजह से दुनिया के कई देशों में फिर से कोरोना की खबरें चिंता पैदा कर रही हैं. हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते. इसलिए टीके की दोनों डोज तय समय पर लगाना बहुत जरूरी है.

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बीमारी और दुश्मन को कभी कम नहीं आंकना चाहिएः

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1 अरब डोज के बाद अगर हम ढीले पड़ गए तो संकट आ सकता है. हमारे यहां कहा जाता है कि बीमारी और दुश्मन को कभी कम नहीं आंकना चाहिए. उससे आखिरी तक लड़ना चाहिए.

हमें थोड़ा सा भी ढीलापन नहीं लाने देना है. 100 साल की इस सबसे बड़ी महामारी में देश ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है.

एक खास बात ये रही कि हमने नए-नए समाधान खोजे. पीएम मोदी ने उपायुक्तों से कहा कि आपको अपने जिलों में इनोवेटिव तरीके अपनाने होंगे.

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झारखंड के नौ जिले कोरोना टीकाकरण में पिछड़ेः

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार इस बैठक में उन जिलों को शामिल किया जाएगा जहां 50 प्रतिशत से कम लोगों को कोरोना के टीकों की पहली डोज लगी है और दूसरी डोज भी बहुत कम लोगों को लगी है. इसमें झारखंड के नौ जिले पाकुड़, साहेबगंज, गढ़वा, देवघर, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, गोड्डा और गुमला शामिल हैं.

प्रधानमंत्री इन सभी जिलों में कम टीकाकरण के कारणों की समीक्षा के साथ-साथ इससे निपटने के लिए किए जा रहे उपायों पर भी चर्चा की.

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ये है जिलों का नामः

पाकुड़ (37.1%), साहेबगंज (39.2%), गढ़वा (42.7%), देवघर (44.2%), पश्चिम सिंहभूम (47.8%), गिरिडीह (48.1%), लातेहार (48.3%), गोड्डा (48.3%),गुमला (49.9%) हैं.

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