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बंद नहीं होगी, बदलेगी एचईसी की तस्वीरः एटॉमिक एनर्जी डिपार्टमेंट करेगा टेकओवर !

NewDelhi/Ranchi: रांची के हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन की तस्वीर आनेवाले दिनों में बदलने की उम्मीद जगी है. गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री अनंत गीत ने कहा कि लंबे समय से बीमार एचईसी को केंद्र के डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी ने टेकओवर करने का प्रस्ताव दिया है. ये खबर राहत देने वाली है, साथ ही एचईसी के बंद होने या बिक्री होने की अटकलों पर भी विराम लगायेगी. इसके साथ ही कंपनी अगर मुनाफे में आती है तो कर्मचारियों से लेकर हर किसी को फायदा होगा.

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सांसद समीर उरांव ने मांगी थी जानकारी

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गीत ने ये जानकारी सांसद समीर उरांव के उस सवाल के जवाब में दी, जिसमें उन्होंने पूछा था कि एचईसी की बीमार हालत को देखते हुए सरकार उसके पुनरुद्धार के लिए क्या कदम उठा रही है. जिसपर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एचईसी, भारी उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाला पब्लिक सेक्टर यूनिट (पीएसयू) है. और डीएई ने इसके अधिग्रहण का प्रस्ताव दिया है. यदि डीएई, एचईसी को टेकओवर करता है तो तेजी से बढ़ते परमाणु ऊर्जा सेक्टर के लिए इसके इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर का इस्तेमाल, इस रुग्ण इकाई में नई जान डाल सकता है. अगर ऐसा होता है तो सीधे तौर पर जुड़े 5000 और परोक्ष रूप से जुड़े 2500 से ज्यादा लोगों के रोजगार पर मंडरा रहा संकट समाप्त हो सकता है.

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टेकओवर में लगेगा समय

एटॉमिक एनर्जी डिपार्टमेंट द्वारा एचईसी के अधिग्रहण की बात से फिलहाल एचईसी से जुड़े लोगों को एक नई उम्मीद दी है. इसपर मंडरा रहा संकट टलता दिख रहा है. लेकिन इस टेकओवर की प्रक्रिया में वक्त लग सकता है. क्योंकि तीन चरणों को पूरा करने के बाद डीएई, एचईसी को टेकओवर कर पायेगा. जिसमें पहले चरण में भारी उद्योग मंत्रालय इस प्रस्ताव को मंजूरी देगा. इसमें वक्त लगेगा, हालांकि विभाग के मंत्री ने राज्यसभा में इस प्रस्ताव को अच्छा बताया है तो इसमें भविष्य में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.

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दूसरे चरण में ये प्रस्ताव एटॉमिक एनर्जी कमीशन के पास जायेगा. कमीशन हर पहलु से इसका अध्ययन करेगा कि टेकओवर का फैसला अच्छा होगा या बुरा. इस स्टडी में समय लगेगा. अगर एटॉमिक एनर्जी कमीशन की रिपोर्ट सकारात्मक होगी तब तीसरे चरण की ओर काम आगे बढ़ेगा.

तीसरे चरण में कमीशन के स्टडी रिपोर्ट के बाद मामला पीएमओ के पास जायेगा. प्रस्ताव पर पीएमओ की मुहर लगने के बाद ही प्रस्ताव को जमीनी स्तर पर लागू किया जा सकेगा. हालांकि, पीएमओ परमिशन देने से पहले हर विभाग की राय लेगा. उसके बाद ही फैसला लिया जायेगा. यानी पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा.

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कभी 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी थे कार्यरत

अपने शुरुआती दौर में एचईसी ने एक सुनहरा दौर देखा है. यहां 22 हजार 500 स्थायी और 10 हजार कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारी काम करते थे. लेकिन आज ये स्थिति है कि एचईसी में 1600 स्थायी कर्मचारी हैं जबकि 3400 कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं. और वर्क ऑर्डर नहीं होने के कारण इन पांच हजार कर्मचारियों के रोजगार पर भी तलवार लटक रही है. लेकिन डीएई के अधिग्रहण के प्रस्ताव के बाद एक उम्मीद जगी है कि ये आनेवाले दिनों में एचईसी बंद नहीं होगी, बल्कि यहां नई ऊर्जा का संचार होगा. साथ ही भविष्य में रोजगार के नये अवसर भी उत्पन्न होंगे.

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