Ranchi : केंद्र सरकार की ओर से लागू यूएपीए के विरोध में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में वामपंथी कार्यकर्ता शामिल हुए. भाकपा माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि यूएपीए जैसे काले कानून के तहत दिल्ली दंगों में तथा कथित षड्यंत्र रचने का झूठा आरोप लोगों पर लगाया गया है. सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को डराने का काम किया जा रहा है. यूएपीए के तहत उमर खालिद की गिरफ्तारी हुई. वहीं भाकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा माले की कविता कृष्णन, स्वराज अभियान के योगेन्द्र यादव, सीपीआइ की एनी राजा समेत कई नागरिकों पर दिल्ली पुलिस ने झूठे मुकदमे चलाये. दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है. ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से मुकदमे में फंसाये जाने की कार्रवाई का रांची के नागरिक कड़ी भर्त्सना करते हैं.
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जनार्दन प्रसाद ने कहा कि दिल्ली में भाजपा नेताओं द्वारा दिये गये जहरीले भाषण पर कोई कारवाई नहीं की जाती. क्योंकि इन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय का संरक्षण मिला हुआ था. लेकिन सीएए के आंदोलन में शामिल युवाओं पर कार्यवाही की जा रही है.
न्याय प्रक्रिया को यूएपीए ने प्रभावित किया
सीपीआइ के अजय सिंह ने कहा कि यूएपीए जैसे घोर अलोकतांत्रिक प्रावधान ने सामान्य न्याय की प्रक्रिया को अवरुद्ध कर दिया है और इसका उपयोग लोकतान्त्रिक आन्दोलनों को दबाने और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले करने के लिए किया जा रहा है. निचली अदालतों में यूएपीए के अंतर्गत गिरफ्तार निर्दोष लोगों को बेल नहीं मिल पाता है. यूएपीए के मामले में कई अदालतों ने स्पष्ट टिप्पणी की है आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोई सबूत पुलिस पेश नहीं कर पायी है. दिल्ली मे इसका इस्तेमाल सीएए का विरोध करने वालों को लक्ष्य कर उन्हें दिल्ली दंगों का आरोपी बनाए जाने के लिए किया जा रहा है. अजय सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय के अधीन दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा द्वारा लक्ष्य किये गये प्रगतिशील प्राध्यापकों, एक्टिविस्टों और बुद्धिजीवियों को सम्मन जारी कर उनसे पूछताछ अविलंब बंद की जाये. मौके पर समीर दास, सुखनाथ लोहरा, नदीम खान समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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