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दीपावली और छठ का जश्न हो सकता है फीका, बाबूलाल ने कहा- रेल सेवा शुरू कराने के बजाय नींद में है राज्य सरकार

Ranchi: अगले एक सप्ताह के बाद देश भर में दीपावली औऱ छठ का महापर्व शुरू हो जायेगा. पर झारखंड में रहने वाले लोगों के लिए इसका आनंद लेना मुश्किल दिख रहा है. खासकर वैसे लोगों के लिए जो बिहार, यूपी औऱ दूसरे राज्यों में अपने अपने घरों को जाना चाहते हैं.

गिनी चुनी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन के कारण यात्रियों के सामने सवाल गहरा रहा है. भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने इसके लिये हेमंत सोरेन सरकार को घेरा है. ट्विट करते हुए कहा है कि दीपावली और छठ जैसे महापर्व पर कोरोना महामारी के कारण लाखों लोग अपने परिवार से दूर रहेंगे.

रेलवे ने त्योहार को देखते हुए कई ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन झारखंड सरकार की नींद पूरी नहीं हो रही. यहां के लोगों की फिक्र उन्हें सिर्फ वोट मिलने तक थी. इधर रेलवे यात्री संघ ने भी दक्षिण पूर्व रेलवे के डीआरएम को लेटर लिखकर ट्रेन सेवाओं को कंटीन्यू किये जाने का आग्रह किया है.

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स्पेशल ट्रेनों की बजाय हो रेग्युलर ट्रेनों का परिचालन

संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र सरावगी औऱ सचिव प्रेम कटारूका ने रांची रेल मंडल के डीआरएम (द.पूर्व.रेलवे) नीरज अम्बष्ठ को गुरुवार को लेटर लिखा है. कहा है कि रांची-हटिया से चलने वाली सभी ट्रेनों को फिर से रेगुलर करके चलाया जाये. रेलवे ही लाखों यात्रियों के लिये सबसे बड़ी लाइफ लाइन है. रेल यात्री दीपावली, छठ, गुरुनानक जयंती, शादी-विवाह जैसे महत्वपूर्ण समारोहों के लिये इसी की मदद लेते हैं.

शिक्षा, चिकित्सा औऱ रोजगार के लिये भी यही सबसे बड़ा सहारा है. कैंसर, किडनी, लीवर और ब्रेन से जुड़े रोगों के इलाज के लिये उन्हें ट्रेन सेवा की जरूरत पड़ती है. ऐसे में स्पेशल ट्रेनों की बजाय रेग्युलर ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित किया जाये. कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के कारण देश की लगभग 95% गरीब और मध्यमवर्गीय जनता आर्थिक रूप से कमजोर हो चुकी है. वे आर्थिक दबाव सहने की स्थिति में नहीं हैं.

अतः सामान्य दिनों की तरह यात्री गाड़ियों का परिचालन शुरू हो. लेटर की कॉपी पीएम, रेल मंत्री सहित अन्य लोगों को भी भेजी गयी है.

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