
Ranchi : भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व सीएम रघुवर दास ने महिला थानेदार रूपा तिर्की की मौत के मामले में CBI जांच की मांग की है. इसके लिए उन्होंने गुरुवार को सीएम हेमंत सोरेन को चिट्ठी भी लिखी. इसमें कहा है कि रूपा की मौत जिस हालत में हुई, उससे कई सवाल खड़े होते हैं. झारखंड पुलिस इसका जवाब तलाशने में सफल नहीं हो पायी है. अब तक पुलिस की जांच उल्टी दिशा में है औऱ वह कई तथ्यों पर पर्दा डालने में लगी है. ऐसे में सीबीआइ जांच से ही वास्तविकता सामने आ सकेगी.
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शिव कनौजिया की गिरफ्तारी से मामला फंसा
रघुवर दास के मुताबिक रूपा तिर्की हत्याकांड को पुलिस आत्महत्या बताने में लगी है. चाईबासा के टोकलो थाना में पदस्थापित शिव कनौजिया को उसने गिरफ्तार किया है. निलंबित भी कर दिया है पर परिजनों और आदिवासी संगठनों को भी इन सब पर भरोसा नहीं. भाजपा के अलावा विधायक लोबिन हेंब्रम और बंधु तिर्की भी इस हत्याकांड की सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं. अगर सरकार की मंशा इस मामले में ठीक है तो सीबीआइ जांच की अनुशंसा की जानी चाहिए.
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लगातार हो रहे हैं आदिवासियों के खिलाफ अपराध
राज्य में लगातार आदिवासी समाज के लोगों के खिलाफ अपराध बढ़ा है. सरकार बनने के बाद चाईबासा के बुरूगीलोकरा में सात आदिवासियों की गला रेत कर हत्या कर दी गयी. लोहरदगा के आदिवासी भाई-बहनों की गुमला के घाघरा में दिन दहाड़े हत्या हो गयी थी.
शहीद सिदो-कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या की एफआइआर काफी दबाव के बाद ही दर्ज की गयी थी. दुमका में पांच बच्चों की मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ. वहीं रामगढ़ में एक नाबालिग के साथ सामुहिक दुष्कर्म किया गया. बरहेट में भी यही कांड हुआ. ऐसे मामलों में पुलिसिया रवैये से निराशा होती है. अब रूपा तिर्की की मौत के मामले में सरकार आगे बढ़ कर जिम्मेदारी ले.
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