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सीबीआई ने अपने निदेशक आलोक वर्मा का किया बचाव, आरोपों को बताया दुर्भावनापूर्ण

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New Delhi: सीबीआई ने अपने निदेशक आलोक वर्मा का विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के आरोपों से बचाव करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप मिथ्या और दुर्भावनापूर्ण’ हैं. ज्ञात हो कि सीबीआई ने अस्थाना ने खिलाफ रिश्वत का मामला दर्ज किया है.

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आरोप झूठे और दुर्भावनापूर्ण

अस्थाना ने कैबिनेट सचिव और केन्द्रीय सतर्कता आयोग को पत्र लिख कर सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और अनियमितता के कम से कम 10 मामलों का जिक्र किया था. सीबीआई के प्रवक्ता ने देर रात जारी एक बयान में कहा कि सतीश साना के खिलाफ एलओसी जारी होने की जानकारी सीबीआई के निदेशक को नहीं थी, जैसे आरोप सही नहीं हैं.

उन्होंने कहा, सीबीआई ने 21 मई 2018 को एलओसी जारी करने के प्रस्ताव को देखा और उसे ठीक भी किया था. उन्होंने कहा कि आरोप कि सीबीआई के निदेशक ने सना की गिरफ्तारी को रोकने का प्रयास किया था, पूरी तरह से झूठ और दुर्भावनापूर्ण है.

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सरकार जांच में ना दे दखल- कांग्रेस

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इधर पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है. रविवार को कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि केन्द्र को पूरी बात का खुलासा करना चाहिए और उसे सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ कथित रिश्वत मामले की जांच में दखल नहीं देना चाहिए. मनु सिंघवी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह थोड़ी सावधानी बरत रहे हैं. लेकिन बेहद स्पष्ट हैं क्योंकि उन्होंने खबरों में ही इस मामले को देखा है. इसलिए वह इस वक्त इस मामले की सच्चाई पर कुछ नहीं कह सकते.

इस मामले पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा,‘‘लेकिन मुझे उम्मीद है कि एक या दो दिन में हमें स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. मुझे एक बात कहनी है कि अगर टुकड़ों में ही सही जो बात मैंने और आपने सुनी है, वह सही है तो यह बेहद गंभीर से भी गंभीर है. और याद रहे यह वही नियुक्ति है जो नियुक्ति के वक्त भी आपत्तियों के घेरे में थी, शुरूआत से ही.’’

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क्या है मामला

गौरतलब है कि सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है. सूत्रों के अनुसार एफआईआर 15 अक्टूबर को दर्ज हुई है. एफआईआर के अनुसार राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने का आरोप है. मामला मीट कारोबार से जुड़े एक चर्चित घोटाले को लेकर है. आरोप है कि राकेश अस्थाना ने मीट कारोबारी मोइन कुरेशी का केस खारिज करने के एवज में रिश्वत ली हैं. इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपी मनोज प्रसाद (Middleman) का बयान दर्ज कराया गया है. मनोज को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है. इस मामले में हैदराबाद के कारोबारी सना सतीश का भी बयान दर्ज कर लिया गया है. सूत्रों के अनुसार मोइन के लिए सना सतीश पैसों का इंतजाम कर रहा था. घूस मनोज के जरिये दी जा रही थी.

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