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  सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर

सूत्रों के अनुसार एफआईआर 15 अक्टूबर को दर्ज हुई है. एफआईआर के अनुसार राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने का आरोप है. इस केस के बाद सियासी गलियारों में सनसनी मच गयी है

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NewDelhi : सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है.  सूत्रों के अनुसार एफआईआर 15 अक्टूबर को दर्ज हुई है. एफआईआर के अनुसार राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने का आरोप है. इस केस के बाद सियासी गलियारों में सनसनी मच गयी है.  हालांकिसीबीआई ने इस मामले में चुप्पी साध ली है और मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. मामला मीट कारोबार से जुड़े एक चर्चित घोटाले को लेकर है. आरोप है कि राकेश अस्थाना ने मीट कारोबारी मोइन कुरेशी का केस खारिज करने के एवज में रिश्वत ली हैं. इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपी मनोज प्रसाद (Middleman) का बयान दर्ज कराया गया है. मनोज को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है. इस मामले में हैदराबाद के कारोबारी सना सतीश का भी बयान दर्ज कर लिया गया है. सूत्रों के अनुसार मोइन के लिए सना सतीश पैसों का इंतजाम कर रहा था. घूस मनोज के जरिये दी जा रही थी.  

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आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच  लड़ाई महीनों पहले से चल रही है

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जान लें कि इससे पूर्व 21 सितंबर को सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने राकेश अस्थाना के खिलाफ बयान  जारी किया था. कहा था कि राकेश अस्थाना के खिलाफ छह मामलों में जांच चल रही है. उन पर संदेसरा ग्रुप से भी पैसे लेने का आरोप है. बता दें कि इस मामले की शिकायत सीवीसी से भी की गयी थी. हालांकि राकेश अस्थाना ने भी सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी और पीएमओ को शिकायत की थी. केस में दखलअंदाजी का आरोप लगाया था. सूत्र बताते हैं कि स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने पत्र में हैदराबाद के किसी शख्स का जिक्र किया है. पत्र में लिखा कि सीबीआई डायरेक्टर ने उस व्यक्ति से दो करोड़ रुपए की रिश्वत ली है. बता दें कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच यह लड़ाई महीनों पहले से चल रही है. वर्मा पर आरोप है कि अस्थाना की बतौर स्पेशल डायरेक्टर नियुक्ति का विरोध किया था. बता दें कि  जब आलोक वर्मा आधिकारिक टूर पर देश से बाहर थे, तब भी वर्मा ने सीबीआई प्रतिनिधि के रूप में अस्थाना द्वारा मीटिंग में हिस्सा लिये जाने पर आपत्ति दर्ज की थी. 

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