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देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाये बीआइटी मेसराः राज्यपाल

Ranchi : राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि यह संस्थान राज्य का अग्रणी और सबसे पुराने तकनीकी संस्थानों में से एक है. बीआइटी मेसरा इंजीनियरिंग शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है. राज्यपाल ने कहा कि इस संस्थान के पूर्ववर्ती विद्यार्थियों ने देश और समाज के विकास में अच्छा योगदान दिया है. कुछ विद्यार्थियों ने विदेश में रह कर अपने पेशेवर जीवन में सफलताएं भी हासिल की हैं. राज्यपाल श्री बैस शुक्रवार को बीआइटी मेसरा के स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. राज्यपाल ने सभी लोगों को बधाई दी और कहा कि इसने राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूल, किसलय विद्या मंदिर और नवोदय स्कूल जैसे स्कूलों की स्थापना में भूमि और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान की हैं.

राज्यपाल ने कहा कि संस्थान द्वारा वंचित ग्रामीणों की सेवा के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के साथ एक औषधालय भी संचालित है. मेरी इच्छा है कि यहां के विद्यार्थी गांवों में जाकर वहां के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करें और उत्साहित भी करें.

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यह अच्छी बात है कि बीआइटी मेसरा ने समाज कल्याण और उत्थान के लिए काम करने के लिए आसपास के 10 गांवों को गोद लेने के साथ-साथ कई जागरुकता अभियान और सामाजिक कार्य भी किये. जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं.

देश में एक अग्रणी तकनीकी संस्थान के रूप में, बीआइटी मेसरा को देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए. समाज के पथ-प्रदर्शक बनने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अपना योगदान दें.

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जिस प्रकार से आग जलते रहने के लिए कोयले की जरूरत पड़ती है, ठीक उसी प्रकार जीवन में सफल और आगे बढ़ते रहने के प्रति मोटिवेशन होना चाहिए. मेहनत हमेशा रंग लाती है, लेकिन आपको विश्वास होना चाहिए कि मैं किसी भी काम को कर सकता हूं.

नदी जब निकलती है तो सागर तक पहुंचने का कोई नक्शा नहीं होता है, नदी बिना नक्शे के सागर तक पहुंच जाती है क्योंकि वह निरंतर आगे बढ़ती रहती है. इसलिए आपको भी सफलता तक पहुंचने के लिए नदी की तरह निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए. अगर आप बिना रुके निरंतर बढ़ते रहते हैं, तो सफलता आपको मिलनी ही है. मौके पर काफी संख्या में विद्यार्थी व सारे फैकल्टी मौजूद थे.

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