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#Budgetspecial : कृषि ऋण माफी पर रहेगा जोर, कृषि आशीर्वाद योजना व एक रुपये में जमीन रजिस्ट्री पर लग सकता है ग्रहण

Ranchi: हेमंत सोरेन की सरकार 3 मार्च को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश करेगी. इस बजट में किसानों के ऋण माफी सहित रघुवर सरकार की कुछ योजनाओं को नये सिरे से लागू करने पर विचार हो सकता है.

किसानों के ऋण माफी की बात जेएमएम और कांग्रेस दोनों ही पार्टी ने अपने चुनाव घोषणापत्र में की थी. वहीं रघुवर सरकार में शुरू हुई मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना और एक रुपये में जमीन रजिस्ट्री की योजना को नये सिरे से लाने की बात विभागीय मंत्री ने की थी.

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ऋण माफी को लेकर कांग्रेस के मंत्रियों को मिला है निर्देश

राज्य के किसानों की ऋण माफी की बात बजट में इसलिए आना तय माना जा रहा है क्योंकि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले दोनों ही सत्ताधारी पार्टियों ने यह वादा किया था. जेएमएम ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कहा था कि किसानों व खेतिहर मजदूरों का कर्ज माफ किया जाएगा. वहीं कांग्रेस ने भी वादा था कि दो लाख रुपए तक के कृषि ऋण तुरंत माफ किया जाएगा.

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के चारों कोटे के मंत्रियों ने विगत दिनों कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से जब मुलाकात की थी, तो उस दौरान मंत्रियों को ऋण योजना पर विशेष टास्क मिला था.

इससे पहले छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने किसानों के ऋण माफी योजना को अपने पहले एजेंड में रखा था. इसके साथ ही कांग्रेस किसानों के उनके उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने पर भी बजट में विचार कर सकती है.

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कृषि मंत्री ने भी कृषि आशीर्वाद योजना बंद करने का दिया था संकेत

वहीं रघुवर सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू हुई मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना और एक रूपये में जमीन रजिस्ट्री योजना को भी सरकार बजट में संशोधन के साथ पेश कर सकती है.

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत तत्कालीन सरकार ने हर एकड़ पर पांच हजार रुपये सरकार की तरफ से किसानों को दिये जाने का वादा किया था. विगत वर्ष जून से नवंबर माह तक योजना में सरकार ने करीब 1300 करोड़ दी थी. लेकिन इस 1300 करोड़ में अब भी करीब 500 करोड़ रुपये की राशि बची हुई है. सरकार की तरफ से 800 करोड़ ही खर्च हो सके हैं.

दूसरी तरफ गठबंधन के घटक दल का कहना है कि इस योजना में कई तरह की गड़बड़ियां हुई हैं. इसलिए पहले इस योजना की जांच होगी, उसके बाद इस योजना को बंद किया जाएगा.

कुछ दिन पहले प्रोजेक्ट भवन में विभागीय समीक्षा के बाद कृषि मंत्री बादल पत्रलेख मीडिया को बताया था कि कृषि आशीर्वाद योजना में काफी गड़बड़ियां पायी गयीं हैं. इसलिए इसके जांच के आदेश दिये गये हैं. जाहिर है उनका संकेत इस योजना को बंद करने को लेकर ही था.

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एक रुपये में जमीन रजिस्ट्री पर ग्रहण

एक रुपये में जमीन रजिस्ट्री योजना पर ग्रहण इससे भी लगता दिख रहा है क्योंकि योजना से सरकारी राजस्व को 400 करोड़ रूपये नुकसान होने का अनुमान है. इस योजना के तहत महिलाओं के नाम पर 50 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री एक रुपये में किये जाने का प्रावधान तत्कालीन रघुवर सरकर ने किया था.

सूत्रों का मानना है कि योजना का फायदा गरीब तबके से ज्यादा अमीर वर्ग की महिलाओं को मिला है. योजना को बंद कर सरकार अपने स्तर पर ऐसी योजना ला सकती है, जिससे गरीब महिलाओं को ज्यादा फायदा हो. साथ ही रघुवर सरकार की योजना से सरकार को नुकसान हो रहे 400 करोड़ की राशि का उपोयग जेएमएम की मुफ्त बिजली-पानी देने की घोषणा पर किया जा सकता है.

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