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बॉम्बे में जन्मे थे बच्चों की फेवरेट जंगल बुक के लेखक रुडयार्ड किपलिंग

अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट से थी घनिष्ठ मित्रता

जयंती पर विशेष

Naveen Sharma
मनुष्य के जीवन में सबसे अधिक बेफिक्री और मस्ती के दिन बचपन के होते हैं. इसकी एक वजह यह भी है कि तब हम केवल वर्तमान में जीते हैं ना भूतकाल की याद आती है और ना ही भविष्य की चिंता सताती है. तो चलिए आज मैं आपको अपने उन सुनहरे दिनों की यादों में ले जाने वाले लेखक के बारे में बताता हूं. आपको गुलजार का एक गाना याद होगा जंगल जंगल पता चला है चड्डी पहन कर फूल खिला है यह गीत मोगली नाम के बच्चे से संबंधित था. इस बच्चे का लालन-पालन जंगल में हुआ था और यह जानवरों के साथ ही रह कर जीवन बीताता था. यह कहानी जिस व्यक्ति ने लिखी थी वह प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक रुडयार्ड किपलिंग थे. बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि इनका जन्म बॉम्बे में हुआ था.

पिता थे आर्टिस्ट

rudyard kipling का जन्म को ब्रिटिश भारत के बॉम्बे प्रेसीडेंसी में ऐलिस किपलिंग (नी मैकडॉनल्ड्स) और जॉन लॉकवुड किपलिंग घर हुआ था. लॉकवुड किपलिंग, एक मूर्तिकार और मिट्टी के बर्तन डिजाइनर, बॉम्बे में नव स्थापित सर जमशेदजी जीजीभाई स्कूल ऑफ आर्ट में वास्तुशिल्प मूर्तिकला के प्रधानाचार्य और प्रोफेसर थे.

झील के नाम पर रुडयार्ड नाम रखा गया

जॉन लॉकवुड और एलिस 1863 में मिले थे. ये दोनों इंग्लैंड के स्टैफोर्डशायर रुडयार्ड में रुडयार्ड झील गए थे ये जगह उन्हें बहुत पसंद आई थी. इन दोनों ने विवाह किया और 1865 में भारत आ गए. वे रुडयार्ड झील क्षेत्र की सुंदरता से इतने प्रेरित हुए कि जब उनके पहले बच्चे का जन्म हुआ तो उन्होंने उसे रुडयार्ड नाम दिया. किपलिंग का सबसे मशहूर रिश्तेदार उनका पहला चचेरा भाई स्टेनली बाल्डविन था, जो 1920 और 30 के दशक में कंज़र्वेटिव पार्टी की तरफ से ब्रिटेन का तीन बार प्रधानमंत्री बना था.

शिक्षा प्राप्त करने भेजा गया इंग्लैंड

छह साल की उम्र में रुडयार्ड को शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड भेजा गया. यहां होलोवे नाम के परिवार के साथ रुडयार्ड रहते थे. किपलिंग के लिए ये कठिन साल थे. श्रीमती होलोय क्रूर महिला थी जो जल्द ही वे रुडयार्ड को तुच्छ मानने लगी.
रुडयार्ड का साहित्य के प्रति रुझान पैदा हुआ. विशेष रूप से डैनियल डिफो, राल्फ वाल्डो एमर्सन और विल्कि कॉलिन्स का उन्होंने अध्ययन किया.

1897 में किपलिंग्स ब्राइटन के पास ब्रिटिश तट पर एक गांव रोटिंगडेन में बस गए. स्पेनिश-अमेरिकी युद्ध का प्रकोप और बोअर वार (1899-1902; ग्रेट ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के बीच एक युद्ध) ने किपलिंग का ध्यान औपनिवेशिक मामलों की तरफ खींचा. इसके बाद लंदन टाइम्स में मानक अंग्रेजी में उनकी कई गंभीर कविताओं को प्रकाशन शुरू हुआ. इनमें से सबसे मशहूर, “मंदी” (17 जुलाई, 1897) ने रानी विक्टोरिया (1819-1901) के डायमंड जुबली (पचासवीं) वर्ष में गर्व के बजाय नम्रता और भय के साथ अपनी उपलब्धियों को पूरा करने के लिए अंग्रेजों को चेतावनी जारी की .

व्हाइट मैन बर्डन का विवाद

इसके अलावा समान रूप से जाने-माने “व्हाइट मैन बर्डन” (4 फरवरी, 1899) ने साम्राज्य के प्रति दृष्टिकोण व्यक्त किए जो कि द डे वर्क (1898) और ए फ्लीट इन बीइंग (1898) में कहानियों में निहित हैं.
किपलिंग ने कम विकसित लोगों को “कम नस्लों” के रूप में संदर्भित किया और औपनिवेशिक शासकों के आवश्यक गुण होने के लिए आदेश, अनुशासन, बलिदान और विनम्रता माना. इन विचारों की नस्लवादी के रूप में निंदा की गई (मानना है कि एक जाति दूसरों की तुलना में बेहतर है. उन्होंने महसूस किया कि यह दुनिया भर में कानून, साक्षरता और नैतिकता फैलाना श्वेत नागरिकों का कर्तव्य था.

कई वर्षों तक अमेरिका में रहे, रूजवेल्ट से दोस्ती

किपलिंग कई वर्षों तक अमेरिका में रहे थे. वहां एक घर भी उन्होंने खुद के लिए बनाया जिसे “नौलाहका” कहा. किपलिंग की थियोडोर रूजवेल्ट जो बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति बने और नौसेना के अवर सचिव के साथ घनिष्ठ मित्रता विकसित की. अक्सर उनके साथ राजनीति और संस्कृति पर चर्चा करते थे. किपलिंग ने समथिंग ऑफ माईल्फ में इन दिनों को याद किया है.

जंगल बुक सबसे लोकप्रिय

रुडयार्ड के किशोर साहित्य के क्लासिक कामों में से एक था: द जंगल बुक्स, जो कि किपलिंग के सर्वोत्तम कार्यों में से एक है. मोगली की रोमांचक कथा ने “बच्चों के लेखक के रूप में किपलिंग की ख्याति में चार चांद लगा दिए. वाल्ट डिज्नी ने जंगल बुक पर इसी नाम से फिल्म भी बनाई थी. अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में डब की गई इस फिल्म ने भारत सहित दुनिया के अधिकतर देशों में कामयाबी हासिल की. भारत में तो इस फिल्म के हिंदी डबिंग में ओमपुरी सहित कई बड़े कलाकारों ने अपनी आवाज़ का जादू दिखाया था. स्पेशल इफेक्ट और वीएफ एक्स की मदद से यह बहुत ही मनोरंजक फिल्म बनी थी बच्चों के साथ साथ युवाओं और बड़े लोगों ने भी इसे पसंद किया था.

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