
Ranchi: बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना जा चुका है. भाजपा में उनकी वापसी का आधार भी यही था. परंतु अब तक उन्हें नेता प्रतिपक्ष औपचारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है. विधानसभा स्पीकर के पास उनका मामला लंबित पड़ा हुआ है.
प्रदेश भाजपा इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को राजभवन पहुंची. राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगायी. उनसे बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष घोषित करने में मदद मांगी. इसके लिये सरकार को निर्देश देने और नेता प्रतिपक्ष के नाते उन्हें सभी संवैधानिक सुविधा उपलब्ध कराने की भी अपील की. 20 मार्च को भी भाजपा ने राजभवन जाकर इसके लिए आग्रह किया था.
राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश, प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू और डॉ प्रदीप वर्मा भी शामिल थे.
इसे भी पढ़ें – 7 अगस्त को 601 नये कोरोना संक्रमित मिले, 6 मौतें, झारखंड में कुल 16465 केस
विधानसभा में अब तक नेता प्रतिपक्ष नहीं
दीपक प्रकाश के अनुसार हेमंत सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है. सरकार चाहती ही नहीं है कि नेता प्रतिपक्ष की घोषणा हो. बगैर उसके ही विधानसभा का संचालन किया जाये. खुद सीएम ने कई मौकों पर ऐसे बयान दिये हैं जिससे उनकी मंशा जाहिर होती है. विधानसभा अध्यक्ष भी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं.
झाविमो का भाजपा में हो चुका है विलय
भाजपा में वापसी से पहले बाबूलाल मरांडी झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के प्रमुख थे. उनकी पार्टी का 11 फरवरी, 2020 को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो चुका है. 06 मार्च को चुनाव आयोग ने इस विलय पर अपनी सहमति भी दे दी है.
राज्यसभा चुनाव की वोटिंग में आयोग ने मरांडी को भाजपा विधायक के रूप में मान्यता प्रदान की थी. झाविमो के भाजपा में विलय के समय दो विधायकों प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को बाहर कर दिया गया था. इसके बाद उन दोनों ने जेवीएम का कांग्रेस में विलय की बात कही थी जिसे आयोग ने नहीं माना था. पार्टी के कंघी सिंबल को भी फ्रिज किया जा चुका है.
इसे भी पढ़ें – अब 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर रहेगा राजकीय अवकाश, सीएम हेमंत सोरेन ने की घोषणा
बीजेपी विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी
सदन में भाजपा के 26 विधायक हैं. विधानसभा में 32 प्रतिशत सदस्यों के साथ भाजपा विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है. इसके बावजूद भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं मिल पाया है.
इसे भी पढ़ें – आदित्य कुमार आनंद हजारीबाग और इकबाल आलम अंसारी सरायकेला-खरसावां के नये डीसी





I used to be able to find good info from your blog posts.
I always spent my half an hour to read this web site’s articles or reviews daily along with a mug of coffee.
Thanks so much for the blog post.
A big thank you for your article.
Like!! Really appreciate you sharing this blog post.Really thank you! Keep writing.