
Chhaya
Ranchi: राज्य में हर विभाग के काम को ऑनलाइन कर दिया गया है. लेकिन, सही तैयारी और जानकारी नहीं होने के कारण काम पेंडिंग हो जाते हैं कुछ ऐसा ही हाल श्रम विभाग का है. जहां साल 2016 से श्रम यूनियनों के निबंधन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दिया गया. लेकिन, 2016 से जितने भी आवेदन ऑनलाइन भरे गये. उनमें से एक भी आवेदन का निबटारा विभाग की ओर से नहीं किया गया. इस संबध में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू तो हुई है. लेकिन, आवेदन अप्रूवल करने का ऑनलाइन ऑप्शन नहीं है. क्योंकि, सॉफ्टवेयर में आवेदन अप्रूवल करने की कोई प्रोसेस है ही नहीं.
57 आवेदन ऑनलाइन भरे गये
2016 से 2018 तक 57 आवेदन ऑनलाइन भरे गये. लेकिन, एक भी आवेदन का निबटारा नहीं किया गया. इस दौरान ऑफलाइन आवेदन भी भरे गये. जिसमें से 38 श्रमिक यूनियनों को स्वीकृति मिली. वहीं राज्य गठन के बाद से कुल 253 यूनियनों को स्वीकृति दी गयी है. हालांकि विभाग के पास ऑफलाइन आवेदनों का कोई सटीक आंकड़ा नहीं है.
45 दिनों के भीतर देनी होती है स्वीकृति
इंडियन लेबर कांफ्रेंस के नियमानुरूप किसी भी यूनियन का निबंधन प्रक्रिया 45 दिनों में पूरी कर लेनी चाहिए. यूनियन के सदस्यों और इसकी कार्य योजनाओं की जांच भी इसी 45 दिनों में होनी चाहिए. लेकिन विभाग में 2016 से 57 आवेदन पड़े है. इस संबध में जब विभागिय अधिकारियों से जानकारी ली गयी तो उन्होंने बताया कि ऐसी कोई बाध्यता नहीं है.




