
New Delhi/Patna: बिहार में चुनावी संग्राम को लेकर राजनीतिक पार्टियां रेस हैं. वहीं एनडीए औऱ महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर माथापच्ची जारी है. हालांकि, दोनों ही गठबंधन में अभी तक सीट बंटवारे का फॉर्मूला साफ नहीं है.
एक ओऱ जहां एनडीए में एलजेपी को देनी वाली सीटों को लेकर मंथन जारी है. वहीं राजद और कांग्रेस के बीच भी बात नहीं बन पायी है. इन सबके बीच पहले चरण के मतदान के लिए गुरुवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है.
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कांग्रेस का मंथन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बुधवार को बैठक की, जिसमें राजद के साथ सीटों के तालमेल और पार्टी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा की गई. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख अविनाश पांडे एवं सदस्य देवेंद्र यादव, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन झा और कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
बैठक में मौजूद रहे एक नेता ने न्यूज एजेंसी पीटीआइ को बताया, ‘बिहार में महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के तालमेल और विभिन्न सीटों पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा की गई. बिहार के नेताओं से इस संदर्भ में उनकी राय भी जानी गई.’ उन्होंने अगले एक-दो दिन में सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय होने की बात कही. उसके बाद कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देगी. सूत्रों ने यह भी बताया कि बिहार को लेकर कांग्रेस की गुरुवार शाम एक और बैठक होगी जिसमें राज्य के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे.
एनडीए के तीनों घटक दल मिलकर लड़ेंगे चुनाव- भाजपा
इधर एनडीए में तकरार की अटकलों पर भाजपा ने विराम लगाने की कोशिश की. बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी के साथ मतभेद की अटकलों पर विराम लगाने का प्रयास करते हुए बुधवार को दावा किया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के तीनों घटक दल साथ मिलकर लड़ेंगे.
भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी मुख्यालय में एक लंबी बैठक की. इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार भाजपा के प्रभारी भूपेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी सहित कई नेता शामिल हुए.
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बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए यादव ने कहा कि सभी घटक दलों से सीटों के तालमेल को लेकर बातचीत हो रही है और जल्द ही इस बारे में फैसला ले लिया जाएगा. भाजपा और लोजपा के अलावा जनता दल (यूनाइटेड) राजग के घटक दल हैं. उन्होंने कहा, ‘बिहार में विकास के कई काम हुए हैं और हम इसी आधार पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. भाजपा, जद(यू) और लोजपा मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे. जीतन राम मांझी, जिन्होंने जद(यू) से हाथ मिलाया है, वह भी साथ रहेंगे. हम तीन-चौथाई बहुमत से फिर से सरकार बनाएंगे.’
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जल्द ही सीटों के बंटवारे को लेकर घोषणा की जाएगी और चार या पांच अक्टूबर को पहले चरण के मतदान वाली सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी.
143 सीटों पर लड़ सकती है लोजपा
इधर लोजपा नेता चिराग पासवान ने संकेत दिए हैं कि यदि सीटों का सम्मानजनक बंटवारा नहीं हुआ तो वह राज्य की 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है. वर्ष 2015 के चुनाव में लोजपा 42 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसे महज दो ही सीटों पर जीत मिल सकी थी. उस चुनाव में जेडीयू महागठबंधन का हिस्सा था. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के साथ मिलकर उसने राजग को पटखनी दी थी.
चुनावी तैयारियों के मद्देनजर चिराग ने भी बुधवार को पार्टी नेताओं के साथ एक अहम बैठक की. जेडीयू और लोजपा के रिश्तों में पिछले कुछ समय से चल रही कड़वाहट की वजह से राजग में तनाव बना हुआ है. दोनों दलों के बीच भाजपा समन्वय बिठाने की कोशिशें कर रही है.
आज से पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को मतदान होगा और 10 नवंबर को मतगणना होगी. पहले चरण के तहत राज्य की 243 में से 71 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया गुरुवार को आरंभ हो रही है. नामांकन की आखिरी तारीख आठ अक्टूबर है.
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