
New Delhi : रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है और अब परमाणु हमले की आशंका भी पैदा हो गई है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों को परमाणु हमले का भय दिखाया है. पुतिन ने परमाणु हथियार संभालने वाले बल को हाई अलर्ट पर करने का आदेश दिया है. ताजा खबर यह है कि परमाणु हमले की योजना में बेलारूस पूरी तरह से रूस की मदद कर रहा है.
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बेलारूस ने परमाणु निरपेक्षता संधि तोड़ी
बेलारूस ने परमाणु निरपेक्षता संधि तोड़ते हुए रूस को इस बात की अनुमति दे दी है कि पुतिन अपनी परमाणु मिसाइलों को बेलारूस में तैनात कर दें और जरूरत पड़ने में वहीं से यूक्रेन पर हमला बोल दे. इसके बाद दुनिया में परमाणु युद्ध (Nuclear War) की आशंका बढ़ गई है.
बता दें, आखिरी बार 1945 में जाना के हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम गिराए गए थे और भारी तबाही मची थी. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपने देश के लिए अगले 24 घंटे अहम बताए हैं.
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अमेरिका ने अपनी स्ट्रैटजिक मिसाइलों को अलर्ट पर रखा
पुतिन ने परमाणु हथियारों को अलर्ट पर रखा तो अमेरिका भी हरकत में आ गया. अमेरिका ने अपनी स्ट्रैटजिक मिसाइलों को अलर्ट पर रखा है. इनमें सुपरसॉनिक मिसाइलें हैं और परमाणु हमले भी किए जा सकते हैं. अमेरिका ने परमाणु हथियारों को अलर्ट पर लाने के रूसी कदम को खतरनाक करार देते हुए अस्वीकार्य बताया है. साथ ही चीन से भी निंदा करने के लिए कहा है.
ईयू के 27 देशों और कई अन्य ने रूसी विमानों के लिए अपना आकाश किया बंद
नाटो ने रूस के कदम को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कड़ी निंदा की है. इस बीच यूरोपीय यूनियन (ईयू) के 27 देशों और कई अन्य ने रूसी विमानों के लिए अपना आकाश बंद करने का एलान किया है. साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और ईयू ने व्यापार भुगतान प्रणाली स्विफ्ट से रूसी बैंकों को बाहर करने की घोषणा की है.
पुतिन के खास बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगने से तीसरे विश्व युद्ध छिड़ने का खतरा जताया है.
रविवार को बेलारूस में रूस के बिना शर्त वार्ता के प्रस्ताव को शुरू में नकारने के कुछ घंटे बाद यूक्रेन बात करने को राजी हो गया और अपना प्रतिनिधिमंडल भेज दिया. दोनों देशों की वार्ता यूक्रेन-बेलारूस सीमा पर प्रिपयात नदी के किनारे होगी. इससे पहले रूस ने वार्ता के दौरान हमले न रोकने का एलान किया था लेकिन बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंकों ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बात कर यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल को पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया.
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पुतिन ने वार्ता न करने पर यूक्रेन को भारी खूनखराबे की चेतावनी दी
जेलेंस्की ने कहा है कि वह देश में शांति पुनः स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने वार्ता न करने पर यूक्रेन को भारी खूनखराबे की चेतावनी दी थी. पुतिन ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि पश्चिमी देश प्रतिबंध लगाकर आर्थिक क्षेत्र में रूस के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार कर रहे हैं.
पुतिन ने अपने संबोधन में नाटो के आक्रामक बयानों का भी जिक्र किया. पुतिन की इस चेतावनी और अप्रत्याशित रुख को यूक्रेन में उनकी सेना को मिल रहे कड़े प्रतिरोध और लगातार बढ़ रहे प्रतिबंधों से उपजी बेचैनी का परिणाम माना जा रहा है. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट ने रूसी राष्ट्रपति से फोन पर वार्ता कर मध्यस्थता की पेशकश की है. अमेरिका के खास इजरायल के प्रस्ताव पर अभी रूस की प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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