
NewDelhi : खबर है कि महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव हिंसा वाले केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एम आर शाह की बेंच ने दोनों ऐक्टिविस्टों को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने को कहा है.
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दोनों को पासपोर्ट जमा करने का भी आदेश जारी
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ने दोनों को अपने-अपने पासपोर्ट जमा करने के भी आदेश दिये हैं. इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने छह मार्च को दोनों सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारी से राहत की तारीख 16 मार्च यानी आज तक के लिए बढ़ा दी थी. जान लें कि पुणे के सेशंस कोर्ट द्वारा अपनी याचिकाएं खारिज होने के बाद गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए पिछले साल नवंबर में बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था.
1 जनवरी 2018 को पुणे जिले के भीमा-कोरेगांव गांव में हिंसा के सिलसिले में पुणे पुलिस ने नवलखा, तेलतुंबडे और कई दूसरे कार्यकर्ताओं को माओवादियों के साथ उनके कथित संबंधों और कई दूसरे आरोपों के तहत केस दर्ज किया था. सभी आरोपियों ने आरोपों को खारिज किया है.
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