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Ayushi Purwar: जिस दिन शुरू होने वाली थी परीक्षा, उसी दिन घर पर पड़ी ईडी रेड, फिर भी रिजल्ट 98%

Ranchi: झारखंड में ईडी रेड का सिलसिला छह मई से शुरू हुआ. पहला ठिकाना था निलंबित आईएएस पूजा सिंघल का सरकारी आवास. सुबह छह बजे से पहले ही ईडी की टीम उनके आवास पर पहुंची. ईडी आवास पहुंचते ही पूरे आवास को अपने कब्जे में ले लिया. अब बिना ईडी की इजाजत के कोई घर में कुछ नहीं कर सकता था. संयोग ऐसा कि पूजा सिंघल की बड़ी बेटी आयुषी पुरवार की 12वीं सीबीएसई की परीक्षा भी उसी दिन शुरू होने वाली थी. वो रात भर यह सोच कर करवट बदल रही थी कि ना जाने परीक्षा का पहला दिन कैसा जाएगा. सुबह आंख खुलने के बाद जो उसने देखा, उसकी उम्मीद से वो परे था. फिर भी आयुषी ने हिम्मत के साथ काम लिया. उसके मन परीक्षा नहीं देने का भी विचार आया. लेकिन घरवालों ने उसका हौसला बढ़ाया और ईडी रेड के दौरान ही वो परीक्षा देने के लिए घर से निकली.

 

डीपीएस आर्ट्स की छात्रा है आयुषी, जूनियर्स के लिए बनी प्रेरणा

आयुषी पुरवार डीपीएस की छात्रा है. वो आर्टस की स्टूडेंट है. अमूमन माना जाता है कि आर्टस सब्जेक्ट में ज्यादा नंबर स्कोर नहीं होता. 90 फीसदी से ज्यादा नंबर आर्टस में लाना एक चुनौती मानी जाती है. खास कर वैसा स्टूडेंट जिसके घर में पहले परीक्षा के दिन ही ईडी की रेड पड़े, उसके लिए ऐसा कर पाना नामुकिन माना जाएगा. लेकिन आयुषी ने ऐसा कर दिखाया. न्यूज विंग ने कुछ शिक्षाविदों से बात की. उन्होंने बताया कि अकसर देखा जाता है कि परीक्षा वाले दिन स्टूडेंट नर्वस रहते हैं. बहुतों को एनजाइटी हो जाती है. नर्वसनेस की वजह से परीक्षा में जवाब जानते हुए कई स्टूडेंट अपना पेपर खराब कर देते हैं. लेकिन इस मामले में जिस तरह का साहसिक कदम आयुषी मे उठाया, वो सराहनीय है.

 

जिस दिन थी समाज शास्त्र की परीक्षा उसी दिन पड़ा रेड, रिडजल्ट 100%

आर्टस की स्टूडेंट आयुषी ने अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र और राजनीतिक विज्ञान में 96 फीसदी अंक हासिल किया है. तो वहीं समाज शास्त्र में उसने 100 फीसदी अंक हासिल किया है. शाबाशी की बात यह है कि छह मई जिस दिन आयुषी के घर पर ईडी की रेड पड़ी उसी दिन समाज शास्त्र की परीक्षा थी. लेकिन अपनी सूझ-बूझ के साथ आयुषी ने काम लिया. कंस्ट्रेशन ऐसा कि आयुषी ने समाज शास्त्र में 100 फीसदी अंक हासिल की. इसी वजह से आयुषी की ज्यादा तारीफ हो रही है. आयुषी ने जो किया है वो दूसरे स्टूडेंट्स के लिए हौसला अफजाई का बेमिसाल उदाहरण साबित होगा.

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