
Ayodhya : 24 मार्च को रामलला विराजमान को तंबू से निकाल कर फाइबर के बने मंदिर में रखा जायेगा. रामलला को चैत्र नवरात्र (25 मार्च से तीन अप्रैल) से एक दिन पहले यहां रखा जायेगा. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने यह जानकारी शनिवार को देते हुए कहा कि दिल्ली में फाइबर स्ट्रक्चर मंदिर तैयार हो रहा है. उन्होंने कहा कि ट्र्स्ट की दूसरी बैठक 4 अप्रैल को अयोध्या में होगी. इससे पहले यह बैठक तीन एवं चार मार्च को होनी थी.
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ट्रस्ट के सदस्यों ने मंदिर परिसर का जायजा लिया
राय ने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के साथ शनिवार को मंदिर परिसर का जायजा लिया. इस दौरान, जिलाधिकारी एके झा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि फाइबर के मंदिर का निर्माण और अयोध्या में मंदिर परिसर के अंदर इसे स्थापित करने की जिम्मेदारी सुरक्षा एजेंसियों की होगी. राय ने बताया कि ट्रस्ट के अयोध्या कार्यालय के भवन का भी चयन कर लिया गया है. यह मंदिर के प्रवेश द्वार के चेक प्वाइंट के नजदीक बनेगा.
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उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंचे, एक करोड़ ट्रस्ट को देने का फैसला
इससे पहले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे सरकार के 100 दिन पूरे होने पर शनिवार को अयोध्या पहुंचे थे. जहां उन्होंने अपनी तरफ से एक करोड़ रुपए की राशि राम मंदिर निर्माण के ट्रस्ट को देने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि अयोध्या आंदोलन के समय महाराष्ट्र से कई कारसेवक आये थे, इसलिए मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्ताव रखता हूं कि यहां पर महाराष्ट्र भवन निर्माण कराने के लिए तैयार हैं. ताकि महाराष्ट्र से आए लोग यहां रुक सके.
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट का गठन भी किया जा चुका है. इस ट्रस्ट में 15 सदस्य हैं. साधु-संतों के अलावा कई सम्मानित नागरिकों व नौकरशाहों को भी इसका सदस्य बनाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव रह चुके नृपेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट के प्रमुख का दायित्व सौंपा गया है. मंदिर निर्माण शुरू किए जाने व इसकी रूपरेखा को लेकर ट्रस्ट के सदस्य कई बैठकें कर चुके हैं. निर्माण शुरू किए जाने की तारीख अब होली के बाद तय की जानी है.
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