
Ranchi: सीएम हाउस पास एक व्यक्ति की गोली मारकार हत्या के बाद झारखंड विकास मोर्चा ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर हमला बोला है. गिरते हुए कानून-व्यवस्था के सवाल पर झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि जब सीएम आवास के सामने ही आम नागरिक असुरक्षित हो, तो प्रदेश की सरकार व पुलिस-प्रशासन के होने-न-होने का कोई मतलब नहीं रह जाता है. यह कहना गलत नहीं होगा कि राजधानी रांची अब अपराध की राजधानी बन गई है. अपराधियों का दु:स्साहस इस कदर बढ़ा हुआ है कि अब वे राज्य का सबसे सेफ जोन समझे जाने वाले सीएम आवास के ठीक सामने अपराधी ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहे हैं.
इसे भी पढ़ें: अपराधियों का शहर बना राजधानी, 15 दिनों के अंदर तीन हत्याएं
जब सीएम हाउस के अंदर फायरिंग होगी, क्या तब नींद से जागेगी सरकार
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन राजधानी रांची सहित दूसरे शहरों में हत्याएं, बलात्कार, लूट आम बात है. शुक्रवार की रात आठ बजे जिस स्थान पर हत्या हुई, उसकी दूरी सीएम सचिवालय के गेट से महज 100 मीटर की है और गोंदा थाना से महज 60 मीटर. अब क्या सीएम आवास के अंदर घुसकर अपराधी गोलीबारी व हत्या को अंजाम देंगे, तब सरकार कुंभकर्णी निंद्रा से जागेगी. उन्होंने कहा कि जब सीएम आवास के पास आम जनता सुरक्षित नहीं हैं तो फिर सुदूरवर्ती इलाकों का क्या हाल होगा, आसानी से समझा जा सकता है. दरअसल रघुवर सरकार से प्रदेश का लॉ एंड ऑर्डर संभल नहीं रहा है.
और पढ़ें: पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करने वाले बुधु दास की सीएम हाउस के पास गोली मारकर हत्या
घटना सरकार व पुलिस के लिए चुल्लू भर पानी में डूब मरने वाली
रघुवर सरकार का ध्यान जरूरी मुद्दों की बजाय गैरजरूरी मुद्दों की ओर अधिक है. कितनी अजीब बात है कि एक ओर राज्य के डीजीपी पांच राज्यों के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ पूर्वी क्षेत्रिय पुलिस समन्वय समिति की बैठक कर नक्सल व अपराध पर नकेल कसने की रणनीति बना रहे होते हैं. वहीं दूसरी ओर उनके नाक के नीचे ही बेखौफ अपराधी हत्या को अंजाम दे जाते हैं. यह झारखंड सरकार व पुलिस-प्रशासन के लिए चुल्लू भर पानी में डूब मरने वाली बात है. नैतिकता के नाते जनता से माफी मांगते हुए कि हम आम लोगों को सुरक्षा देने में असफल हैं, सीएम को तुरंत इस्तीफा दे देनी चाहिए.




