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राजस्थान में सियासी संकट टालने की एक और कोशिश, आज फिर कांग्रेस विधायकों की बैठक, क्या आयेंगे पायलट?

Jaipur: राजस्थान की सियासत पर संकट के बादल अभी पूरी तरह से छंटे नहीं है. हालांकि, सोमवार को विधायक दल की बैठक के बहाने अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन किया और बहुमत होने का दावा किया. लेकिन इस बीच सचिन पायलट को मनाने की कोशिशें भी जारी हैं.

मंगलवार यानी आज फिर से कांग्रेस के विधायक दल की बैठक बुलाई गयी है. इसमें सचिन पायलट और बाकी बागी विधायकों से मीटिंग में शामिल होने के लिए कहा गया है. ऐसे में हर किसी की नजर इस बात पर है कि क्या पायलट इस बैठक में शामिल होंगे.

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सचिन पायलट के आने पर संदेह

हालांकि, सूत्रों की मानें तो मंगलवार को होनेवाली कांग्रेस विधायकों की बैठक में भी सचिन पायलट का आना मुश्किल दिखाई पड़ रहा है. पायलट के करीबी एक सूत्र का कहना है, ‘इस मामले के निपटारे के लिए हाईकमान की ओर से सही एक्शन नहीं लिया गया है, हमें आश्वासन भी नहीं मिला है कि हमारी बातें सुनी जाएंगी या नहीं.’

सूत्रों की मानें तो सचिन पायलट के संकेतों से साफ है कि वो राज्य की लीडरशिप में बदलाव चाहते हैं और उससे कम पर नहीं मानेंगे.

पायलट समर्थकों ने जारी किया वीडियो

सोमवार दिन में अशोक गहलोत ने अपनी शक्ति दिखायी. वहीं देर शाम उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपना दम दिखाया. पायलट के समर्थकों ने पायलट गुट की ताकत दिखाने के लिये सोमवार को कांग्रेस विधायकों का एक लघु वीडियो जारी किया.

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दस सेंकेंड के इस वीडियो को पायलट के प्रवक्ता ने अधिकारिक व्हाट्स एप ग्रुप में जारी किया जिसमें लगभग 16 विधायक एक घेरे में बैठे हुए हैं. इसके अलावा छह अन्य लोग भी वीडियो में मौजूद है लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी. वीडियो में पायलट नहीं दिखाई दिये. वीडियो में इंद्रराज गुर्जर, मुकेश भाखर, हरीश मीणा सहित कुछ विधायकों को देखा जा सकता था.

वहीं पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने ट्वीट में लिखा ‘परिवार’ के साथ वीडियो. लाडनूं से विधायक मुकेश भाखर ने ट्वीट किया, ‘ यदि आप जिंदा है तो यह आवश्यक है कि आप जिंदा दिखे. अगर सिद्धांतों को चोट पहुंचाई जाए तो आपको उससे टकरा जाना चाहिए. कांग्रेस में वफादारी का मतलब अशोक गहलोत की गुलामी है. जो हमें स्वीकार्य नहीं है. ’

सचिन पायलट की पार्टी से नाराजगी के कारण राजस्थान की सियासत में संकट के बादल छाये हुए है. कांग्रेस उन्होंने मनाने की कोशिश में भी है. वहीं राजस्थान के डिप्टी सीएम पिछले तीन दिनों से कैमरों की नज़रों से दूर हैं. सूत्रों की मानें तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद को लेकर अड़ गए हैं और आश्वासन चाहते हैं. अब देखना ये है कि वह कबतक इस तरह अलग रहते हैं और कब कोई फैसला लेते हैं.

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