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आंगनबाड़ी आंदोलन : हेमंत के समर्थन से कांग्रेस के बदले बोल, प्रदेश अध्यक्ष ने कहा “ बड़े भाई की भूमिका में रहेगा JMM”

Nitesh Ojha

Ranchi :  राजधानी में करीब एक माह से आंदोलनरत आंगनबाड़ी सेविकाओं के आंदोलन को जैसा समर्थन जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने दिया है, उससे कांग्रेस पूरी तरह से बैकफुट पर आ गयी है. हेमंत सोरेन ने बीते सोमवार को महिला सेविकाओं से मिलकर उन्हें अपना समर्थन दिया था . साथ ही सरकार को चेतावनी दे कहा था कि अगर एक भी आंगनबाड़ी कर्मी की जान गयी, तो वे सरकार को जीने नहीं देंगे.

उससे कांग्रेस नेता के बोल बदलने लगे हैं. मंगलवार को कांग्रेस नेताओं का आंगनबाड़ी सेविकाओं से मिलने के बाद एक निजी कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्य़क्ष का यह कहना कि विधानसभा चुनाव में JMM बड़े भाई की भूमिका रहेगी, बताता है कि सेविकाओं के आंदोलन को हेमंत के समर्थन ने कांग्रेस को बैकफुट पर धकेल दिया है. कार्यक्रम में कांग्रेस ने मजबूत महागठबंधन तो कह दी है, साथ ही आंदोलनरत सेविकाओं की मांगों का समर्थन कर विपक्ष अपनी चुनावी तैयारी को मजबूती देने में जुट गया है.

गौरतलब है कि पिछले 33 दिनों से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बीते शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. भूख हड़ताल आंदोलन को लेकर रविवार से लेकर सोमवार तक दस महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है. उसके बाद से लगातार विपक्षी नेताओं का सेविकाओं को समर्थन मिलना शुरू हो गया है. हेमंत सोरेन और रामेश्वर उरांव ने इन सेविकाओं से मिलकर अपना समर्थन दिया है.

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सरकार को जीने नहीं देने की बात कर फ्रंट में आये हेमंत

आंदोलनरत महिला सेविकाओं से मिलने के बाद हेमंत ने कहा था कि महिलाएं धरना पर बैठी हैं और सरकार और उनके प्रतिनिधि उनसे मिलने तक नहीं आते. महिलाएं बिलख रही हैं, अपने अधिकार के लिए. अस्पताल में भर्ती हो रही हैं. पूरा वाक्या बताता है कि सरकार की संवेदनहीनता चरम पर है.

इस दौरान हड़ताल पर बैठी एक महिला बेहोश होकर गिर गयी, जिसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. जिसपर हेमंत ने कहा, अगर एक भी आगंनबाड़ी बहन की मौत हुई तो सरकार को जीने नहीं देंगे. ऐसा कर हेमंत सोरेन चुनावी मौसम में पूरी तरह से फ्रंट में आ गये हैं. जिसे देखते हुए ठीक दूसरे दिन यानि मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी सेविकाओं से मिलने जा पहुंचे.

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सरकार बनने पर मांग को पूरी करेगी कांग्रेस :  रामेश्वर उरांव

भूख हड़ताल पर बैठी सेविकाओं से मिल प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि हालत गंभीर होने के बाद भी सरकार के स्तर पर इन्हें किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी जा रही हैं. दरअसल ऐसा कर सरकार शांतिपूर्ण रूप से आंदोलन कर रही सेविकाओं के साथ पक्षपात पूर्ण व्यवहार कर रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव बाद अगर कांग्रेस की सरकार बनती है, तो आंगनबाड़ी की मांगों को पूरा किया जाएगा.

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा केवल जुमला :  महुआ माजी

रामेश्वर उरांव के साथ जेएमएम महिला केंद्रीय अध्यक्ष महुआ माजी और टीएमसी की प्रदेश प्रवक्ता कंचन कुमारी भी उपस्थिति थी. महुआ माजी ने कहा कि रघुवर सरकार राज्य की महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार कर रही है, उसकी स्थिति आंगनबाड़ी सेविकाओं के आंदोलन में साफ दिख रहा है. आंदोलन बताता है कि मोदी सरकार का बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा केवल एक जुमला है.

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आंगनबाड़ी सेविकाओं के आंदोलन से महागठबंधन को मिली मजबूती

हेमंत सोरेन के आंगनबाड़ी सेविकाओं के पक्ष में आने के बाद जैसा रिस्पांस को पार्टी को मिला, उससे कांग्रेस के भी चुनावी बोल बदलने लगे हैं. कुछ दिन पहले तक महागठबंधन को लेकर अलग बयान देने वाले रामेश्वर उरांव इसके पक्ष में आते दिख रहे हैं. राजधानी में बुधवार को आयोजित पूर्वोदय 2019 कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा दिया है कि विधानसभा चुनाव में जेएमएम बड़े भाई की भूमिका में होगी.

उऩ्होंने कह दिया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान हुआ गठबंधन आज भी जारी हैं. सीटों पर घोषणा के वक्त ही सभी घटक दल चेहरे की घोषणा करेंगे. हालांकि उऩ्होंने यह भी कहा कि चुनाव में जो पार्टी सबसे अधिक सीट जीतेगी, उसी पार्टी का मुख्यमंत्री होगा. वहीं बड़े भाई की भूमिका में जेएमएम होगी. माना जा रहा है कि ऐसा कहकर रामेश्वर उरांव ने हेमंत को विपक्ष का मजबूत चेहरा मान लिया है.

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