
Dhanbad: धनबाद नगर निगम में लेबर घोटाला मामले में धनबाद नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी मो.अनिश ने धनबाद थाने में लिखित शिकायत देकर नगर निगम में लेबर घोटाला करनेवाले तीन दैनिक वेतनभोगी कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करायी है.
इसमें वार्ड सुपरवाइजर दीपक कुमार साव, कंप्यूटर ऑपरेटर विक्की कुमार साव एवं प्रीतम कुमार शामिल हैं. शिकायतवाद में कहा गया है कि सुपरवाइजर व कंप्यूटर ऑपरेटर की मिली भगत से 13.66 लाख का घोटाला किया गया. उपस्थिति पंजी में लेबर कोई होता था और बैंक में भुगतान किसी दूसरे के नाम से होता था. मामला सितंबर 2016 से लेकर मई 2019 के बीच लेबर भुगतान का है.
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चाय दुकानदार को भी दिखा दिया सफाई कर्मी
निगम के कार्यपालक पदाधिकारी मो.अनिश ने थाने में लिखित शिकायत देकर कहा है कि वार्ड नंबर 24 में फर्जी लेबर घोटाला हुआ है. निगम के तीन कर्मी दीपक कुमार, विक्की एवं प्रीतम ने फर्जी लोगों का नाम उपस्थिति पंजी में सफाई कर्मी बताकर फर्जी खाते में भुगतान किया.
सितंबर 2016 से मई 2019 तक पदाधिकारियों को दिग्भ्रमित कर फर्जी तरीके से विपत्र के आधार पर 13 लाख 68 हजार 380 रुपये का गबन किया गया. सुपरवाइजर दीपक कुमार ने दो कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ मिलकर चाय दुकानदारों को भी सफाई कर्मी दिखा दिया. चाय दुकानदार प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को सफाई कर्मी दर्शाया गया है.
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बोनस के रूप में 48 हजार का भुगतान किया गया
धनबाद नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी मो.अनिश ने लिखित शिकायत में कहा है कि सरायढेला के विकास सिंह की शिकायत पर वार्ड नंबर 24 में लेबर की जांच की गयी. जांच में पाया गया कि लेबर कोई होता था और बैंक में भुगतान किसी दूसरे के नाम से होता था. हर माह निगम के मुख्य कार्यालय में अपना हस्ताक्षर कर विपत्र जमा किया गया. इसमें फर्जी लोग एवं बैंक खाता का जिक्र किया गया.
हर माह आठ से दस लोगों को फर्जी तरीके से भुगतान किया गया. लेबर पेमेंट के अलावा 48 हजार रुपये का बोनस में घोटाला भी उजागर हुआ है. वार्ड सुपरवाइजर दीपक कुमार साव, कंप्यूटर ऑपरेटर विक्की कुमार साव एवं प्रीतम कुमार, इन तीनों की मिलीभगत से सितंबर 2016 से मई 2019 तक 13 लाख 15 हजार 380 रुपये एवं सफाई कर्मियों को बोनस के रूप में 48 हजार का भुगतान किया गया.
क्या है जांच रिपोर्ट में
वार्ड में 27 मजदूर कार्यरत हैं. इसमें 10 से 12 लेबर फर्जी पाये गये. उपस्थिति पंजी के नाम एवं सफाई कर्मियों को भुगतान के लिए भेजे गये भुगतान पत्र के फोटो अलग-अलग पाये गये. लेबर रवि हाड़ी का बैंक एकाउंट नंबर सुपरवाइजर के नाम से पाया गया.
उपस्थित पंजी में रवि हाड़ी, राजू हाड़ी, भादो देवी, जानकी बांसफोर, मंटू हाड़ी, पूरन हाड़ी, सूरज कुमार राम, करण बाउरी, गरीब हाड़ी, धमेंद्र कुमार, राहुल हाड़ी के नाम हैं. उपस्थित पंजी में दर्ज खाता संख्या को न दर्ज कर बैंक शीट में दूसरे खाता संख्या को बदल दिया गया. कुछ मजदूर जो फर्जी पाये गये, उन्होंने कभी वार्ड संख्या 24 में कार्य ही नहीं किया. परंतु उनलोगों के नाम से अवैध तरीके से माह सितंबर 2016 से माह मई 2019 तक अवैध निकासी की गयी.
नगर आयुक्त ने क्या कहा
नगर आयुक्त चंद्रमोहन कश्यप ने बताया कि सुपरवाइजर के खिलाफ शिकायत मिली थी. सुपरवाइजर को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया है. सुपरवाइजर के साथ दो कंप्यूटर ऑपरेटर प्रीतम कुमार व विक्की कुमार साव की भी मिलीभगत सामने आयी है. सुपरवाइजर के साथ दोनों कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ 13.63 लाख गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
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