
Simdega : जलड़ेगा प्रखंड के सावनाजारा गांव नशामुकत गांव तो हो गया, लेकिन अब भी गांव के लोग खुले मे शौच करने को मजबूर हैं. सावनाजारा गांव में सरकार के वादे झूठे साबित हो रहे हैं. प्रशासन के द्वारा स्वच्छता के विषय में किये गए दीवार लेखन भी बेमानी साबित हो रहा है. शौचालय नहीं बनने से महिला समुह के महिलाएं तथा ग्रामीण ने लोटा लेकर विरोध प्रदर्शन किया. समुह की महिलाओं ने कहा कि मुखिया व बीडीओ को शौचालय बनाने को लेकर कई बार आवेदन भी दिया गया, लेकिन न ही मुखिया और न ही बीडीओ द्वारा कोई पहल की गयी.
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बीडीओ और मुखिया ने अपने-अपने हाथ खड़े किये
मनरेगा तथा जेएसएलपीएस के माध्यम से शौचालय बनेगा कहा गया लेकिन किसी भी मद से शौचालय नहीं बना. मुखिया और वार्ड सदस्य ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए. गांव की अमृता देवी, बासमती देवी, लक्ष्मी देवी, सुखपति देवी, सरस्वती देवी, पतांगी देवी, फुलमनी देवी, सावित्री देवी, बुधनी देवी सहित कई महिलाओं ने कहा कि गांव के एकजुटता के बल पर गांव को नशामुकत बनाया. गांव ओडीएफ घोषित हो जाने के बावजूद गांव में शौचालय नहीं बना. सिर्फ गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया. महिलाओं उपायुक्त से मांग की है कि किसी भी विभाग से हो गांव में शौचालय निर्माण करवा के खुले शौच मुक्त दें.




