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हॉट सीट बने चंदनक्यारी विधानसभा में आजसू के उमाकांत रजक आज चुनाव लड़ने की करेंगे घोषणा…सोच में भाजपा..

DK

Bokaro: इस राजनीतिक खींचतान और तीखी बयानबाजी के बीच चंदनक्यारी के संभावित आजसू प्रत्याशी उमाकांत रजक ने यह ऐलान कर दिया कि उनका चुनाव लड़ना उतना ही निश्चित है जितना सूर्यउदय के समय सूरज का निकलना.

चाहे गठबंधन रहे या न रहे वह चुनाव लड़के ही रहेंगे. आज रविवार को संभवत उमाकांत रजक अपने नामांकन करने की तारीख की घोषणा कार्यकर्ताओं के बीच कर देंगे.

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चंदनक्यारी में भाजपा ने जनता को धोखा दिया: उमाकांत रजक

वह चंदनक्यारी में अपने जनाधार के बदौलत चुनाव लड़ने का दम भर रहे हैं, न की दिल्ली मैं बैठे नेताओं की बदौलत. रजक ने इशारों-इशारों में इतना तक कह दिया कि किसी के कहने या नहीं कहने से उनका चुनाव लड़ने का इरादा नहीं बदलने वाला.

रजक ने कहा कि उन्होंने या आजसू ने किसी को भी धोखा नहीं दिया है. चंदनक्यारी में तो भाजपा ने जनता को धोखा दिया है. यह भाजपा बता दे की उनके द्वारा किये गये वादे जैसे इलेक्ट्रोस्टील कोल ब्लॉक को वापस खुलवाना, नया पॉवर प्लांट, सीमेंट प्लांट, फूड प्रोसेसिंग प्लांट, भोजूडीह में रेलवे का कारखाना, कई जल आपूर्ति परियोजना का पूरा ना होना, इंजीनियरिंग कॉलेज आदि अभी तक क्यों पूरे नहीं हुए. दिल्ली से उतर कर जमीन पर आकर देखिए चंदनक्यारी में रजक की ही लहर दिखेगी, क्योंकि हमने जो कहा वह पूरा किया.

यह पूछे जाने पर कि अगर भाजपा के साथ हुए गठबंधन में आजसू के हाथ से यह सीट चली जाती है तो क्या वह चुनाव लड़ेंगे? इस पर वह मुस्कुराते हुए कहते हैं कि चंदनक्यारी में बिना आजसू को सीट मिले, गठबंधन होगा क्या.

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आजसू से लडूंगा चुनाव

उनसे यह भी पूछे जाने पर कि इस राजनीतिक उठापटक में अगर गठबंधन हो गया और सीट भाजपा को चली गयी तो क्या वह आजसू छोड़ जेएमएम या झाविमो से चुनाव लड़ेंगे? इसके जवाब में रजक ने कहा की भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है यह कोई नहीं जानता. वह आजसू के कैडर हैं और वह उसी से चुनाव लड़ेंगे.

रजक भले ही राजनीतिक माहौल को भांपते हुए, सवालों के जवाब देने में परिपक्वता दिखा रहे हो पर उनके सपोर्टर्स यह भली-भांति जानते हैं की रजक पर दूसरी पार्टियों की विशेष नजर है खासकर झामुमो और झाविमो की.

लोगों का मानना भी है की शायद भीतर-भीतर इन दोनों पार्टियों के नेता रजक के संपर्क में है. चंदनक्यारी के लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि अगर भाजपा-आजसू का गठबंधन फेल हुआ तब भी रजक और अमर बावरी एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे, और अगर गठबंधन में यह सीट किसी एक के खाते में चली गयी तब भी यह दोनों चुनाव लड़ेंगे.

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अमर बावरी और उमाकांत रजक के बीच कांटे की टक्कर 

दूसरी पॉलिटिकल पार्टियां चंदनक्यारी में विशेष नजर बनायी हुई है, खासतौर पर उमाकांत रजक पर. चाहे वह एनडीए हो, यूपीए या फिर झाविमो सबको पता है कि इस बार चंदनक्यारी में अमर बावरी और उमाकांत रजक के बीच में ही कांटे की टक्कर होगी.

चंदनक्यारी विधानसभा इन दोनों के आपसी टकराव के चलते, इस चुनावी माहौल की सबसे हॉट सीट बन गयी है. लोग यूपीए गठबंधन के द्वारा सीटों की घोषणा पर भी नजर बनाये हुए हैं.

सूत्रों की माने तो कांग्रेस ने कुछ महीनों पहले ही रजक से संपर्क साधा था पर उन्होंने टाल दिया था. कांग्रेस के पास चंदनक्यारी में चुनाव लड़ने का कोई चेहरा नहीं था. वहीं अब गठबंधन में यह सीट झामुमो के खाते में चली गयी है, बस घोषणा होना बाकी है. पिछले दो विधानसभा चुनावों में झामुमो का प्रदर्शन काफी खराब रहा है. उसके प्रत्याशी संतोष रजवार को रजक ने काफी वोटों से हराया था.

लोगों की माने तो इस बार का चुनाव काफी रोचक होने वाला है क्योंकि उमाकांत रजक का चुनाव लड़ना तय है, बस देखना यह है कि पार्टी और सिंबल कौन सा होगा.

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